चोट के कारण लंबे समय तक बाहर हुए सांचेज : जोस मोरिन्हो

0
94

इंग्लिश क्लब मैनचेस्टर युनाइटेड के फॉरवर्ड खिलाड़ी एलेक्सिस सांचेज चोट के कारण लंबे समय तक मैदान से दूर रहेंगे। क्लब के कोच जोस मोरिन्हो ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

क्लब ने इससे पहले गुरुवार को एक बयान जारी कर बताया था कि सांचेज चोटिल हैं और क्लब उनकी चोट की गंभीरता को देखने के लिए कुछ टेस्ट करेगा।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, साउथैम्पटन जाने से पहले संवाददाता सम्मेलन में मोरिन्हो ने कहा कि क्लब को शायद चिली के खिलाड़ी के बिना लंबे समय तक खेलना पड़े।

कोच ने कहा, “अभी तक कोई स्कैन नहीं हुआ है, लेकिन खिलाड़ी अनुभवी हैं और वह जानते हैं कि चोट क्या है। साथ ही मैं अपने अनुभव से यह कह सकता हूं कि जिस तरह से चोट लगी, मुझे लगता है कि वह लंबे समय तक बाहर रहेंगे। यह छोटी चोट नहीं है जो सप्ताह-10 दिन में ठीक हो जाए।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleप्रधानमंत्री मोदी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिले
Next articleVIDEO: 8 से ज्यादा पारियां खेलने के बाद चला लोकेश राहुल का बल्ला, सिडनी में जड़ा अर्धशतक
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here