सलमान खुर्शीद ने कहा, विपक्षी दलों को साझा उम्मीदवार उतारना चाहिए

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वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद का कहना है कि विपक्षी दलों को अगले लोकसभा चुनाव में साथ मिलकर सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के खिलाफ प्रत्येक चुनाव क्षेत्र में अपना साझा उम्मीदवार उतारना चाहिए। इसके लिए उनके बीच गठबंधन पर बातचीत पहले शुरू होनी चाहिए, जिससे सभी दलों के कार्यकर्ता आपस में तालमेल बैठा सकें।

सलमान खुर्शीद ने आईएएनएस को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि जाहिर है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के लिए पार्टी की पसंद हैं, लेकिन किसी प्रकार की घोषणा के लिए विपक्षी दलों के साथ गठबंधन की बातचीत के नतीजों का इंतजार करना होगा।

खुर्शीद का मानना है कि सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाले राजग के खिलाफ समान विचार वाले विपक्षी दलों को एक साथ लाने के लिए संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की अध्यक्ष सोनिया गांधी सबसे उत्तम व्यक्ति हैं।

खुर्शीद ने कहा, “जहां तक मेरा और हमारी पार्टी की बात है, तो पसंद जाहिर है। लेकिन वृहत सहयोग व गठबंधन की स्थिति में तो यह होना चाहिए कि गठबंधन बनने तक हम प्रतीक्षा करें। लेकिन हमारे लिए बिल्कुल स्पष्ट है कि राहुल गांधी ही वह शख्सियत हैं, जो इस कार्य के लिए उपयुक्त हैं और वह हमारा नेतृत्व करेंगे।”

पूर्व केंद्रीय मंत्री से जब पूछा गया कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ 2019 के आम चुनाव में विपक्ष की ओर से किसी प्रधानमंत्री उम्मीदवार की घोषणा होनी चाहिए, तो उन्होंने कहा कि मोदी की विश्वसनीयता काफी घट गई है।

सलमान खुर्शीद की हाल ही में आई किताब ‘ट्रिपल तलाक : एग्जामिनिंग फेथ’ में उन्होंने तीन तलाक के मसले पर सवाल उठाया है।

उन्होंने कहा, “जहां तक मोदीजी का सवाल है, तो उनकी विश्वसनीयता में काफी कमी आई है, लेकिन मैं यह नहीं कहता कि यह गिरावट अभी पर्याप्त है। गिरावट लगातार जारी है।”

राजग के खिलाफ विपक्षी एकता की संभावना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “इस समय यह कहना कठिन है, लेकिन अगर गठबंधन नहीं बनता है तो मौका गंवाने का हमें खेद रहेगा।” उन्होंने कहा कि भिन्न-भिन्न स्तरों पर बातचीत चल रही है।

खुर्शीद ने कहा, “सभी दल मान रहे हैं कि भारत के इतिहास के लिए यह बेहद अहम व क्रांतिकारी परिवर्तन का दौर है। मेरा मानना है कि बीती बातों को भुला देना चाहिए। लेकिन इसके लिए अभी कदम उठाने होंगे। कुछ लोगों को धीरे-धीरे ऐसी पहल शुरू कर देनी चाहिए। मैं नहीं बता सकता कि वह शख्सियत कौन होंगे और कौन इस काम को अंजाम देंगे। लेकिन धीरे-धीरे बातचीत चल रही है।”

विपक्षी दलों को एकजुट करने में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अहम भूमिका होने की संभावना के बावत पूछे जाने पर खुर्शीद ने कहा कि वही नहीं, कोई और भी यह काम कर सकता है।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पार्टी में बदलाव लाएंगे और वह कांग्रेस को नया स्वरूप देंगे।

पूर्व विदेश मंत्री ने माना कि पूर्वोत्तर के प्रांत त्रिपुरा, मेघालय और नगालैंड के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है, लेकिन उन्होंने अन्य राज्यों में होने वाले चुनावों में पार्टी की बेहतर स्थिति रहने की संभावना जताई।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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