महाराष्ट्र में आश्रम के अंदर साधु की हत्या, संदिग्ध हिरासत में

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महाराष्ट्र के नांदेड़ में एक आश्रम में एक साधु को लूटने के बाद उसकी हत्या कर दी गई। घटना के 12 घंटे के अंदर पुलिस ने मुख्य संदिग्ध को पकड़ लिया है। एक पुलिस अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। कर्नाटक के रहने वाले शिवाचार्य निर्वाणरुद्र पशुपतिनाथ महाराज एक दशक पहले नांदेड़ आए और उन्होंने निरवांजलि पशुपतिनाथ मठ की की स्थापना की, जिसका संचालन वह अनुयायियों के एक समूह के साथ किया करते थे।

नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक विजयकुमार मागर ने संवाददाताओं से कहा कि मुख्य संदिग्ध साईनाथ लंगोटे ने पहले अपने सहयोगी भगवान शिंदे को मार डाला, फिर वह शनिवार रात आश्रम पहुंचा।

वह शिवाचार्य महाराज के कक्ष में पहुंचा जहां वह आराम कर रहे थे। इसके बाद उसने महाराज की आंखों में मिर्ची पाउडर डाल दिया, जिससे उन्हें दिखना बंद हो गया। इसके बाद उसने 69 हजार रुपये नकदी, लैपटाप और अन्य कीमती सामान और कार की चाबी ले ली।

जब शिवाचार्य महाराज ने उसे पकड़ना चाहा तो लंगोटे ने गला दबाकर उनको मार डाला और उनके शव को कार के बूट में रख दिया। वह कार लेकर जैसे ही निकला, कार मेन गेट से टकरा गई। इसके बाद आश्रम में मौजूद शिवाचार्य महाराज के अनुयायी जाग गए।

जब आठ-10 सेवक मेन गेट के पास पहुंचे तो वे लंगोटे को पकड़ना चाह रहे थे, लेकिन वह फरार हो गया।

मागर ने कहा कि कुछ दूरी के बाद लंगोटे मोटरबाइक चुराकर वहां से भाग गया। बाद में पुलिस को उसके सहयोगी शिंदे का शव एक स्कूल परिसर के नजदीक मिला।

उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच के लिए पांच टीमें बनाई गई थी, जिसने दोपहर बाद लंगोटे को पकड़ लिया।

उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्ट्या इसमें लूट की वारदात को अंजाम देना था और हत्या की वजह आपसी द्वेष हो सकती है। अब उससे पूछताछ के बाद ही सही जानकारी मिल पाएगी।

नांदेड़ के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पीडब्ल्यूडी मंत्री अशोक चव्हाण ने अपील की है कि इस हत्या का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि पुलिस जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।

उन्होंने कहा कि मृत साधु लिंगायत समुदाय से था, शिंदे और लंगोटे भी इसी समुदाय से, और साधु के अनुयायी थे।

इस बीच विहिप ने कहा कि साधु की हत्या की घटना की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ उद्धव ठाकरे सरकार सख्त कार्रवाई करे।

विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने घटना पर गुस्सा जाहिर करते हुए कहा, “पालघर में पूज्य साधुओं के हत्यारे तो अभी तक हाथ नहीं आए किन्तु हां, महाराष्ट्र के ही पूज्य स्थल नांदेड़ में आज एक और पूज्य संत की जान ले ली गई। क्या कोई कल्पना कर सकता है कि राज्य की सेना-सोनिया सरकार में पूज्य बाला साहब ठाकरे के संस्कार लेश मात्र भी जिंदा हैं?”

उन्होंने कहा, “पालघर में साधुओं के हत्यारों को यदि टांग दिया होता और उनके षड्यंत्रकारियों के साथ नरमी नहीं बरती होती तो शायद नांदेड़ में पूज्य साधु व सेवक के हत्यारों के हौसले बुलंद न होते। 38 दिन हो गए उद्धव जी..शिव सेना को सोनिया सेना ना बनाओ प्लीज..।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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