सबरीमाला फैसले ने जाति समूहों का पर्दाफाश किया : माकपा

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मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने गुरुवार को कहा कि केरल के सबरीमाला मंदिर के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के विरोध ने ‘कुछ राजनीतिक पार्टियों और जाति संगठनों के पाखंड व पितृसत्तात्मक सोच का वैश्विक स्तर पर पर्दाफाश किया है।’ सर्वोच्च न्यायालय ने अपने फैसले में सबरीमाला मंदिर में 10-50 वर्ष की महिला के प्रवेश करने की अनुमति दी थी।

माकपा ने अपने जर्नल ‘पीपुल्स डेमोक्रेसी’ के संपादकीय में कहा, “आरएसएस ने 2016 में एक पक्ष लिया था कि महिलाओं को सभी मंदिरों में जाने का अधिकार है। लेकिन जब सबरीमाला मंदिर का सवाल आया तो इस पक्ष को बदल दिया गया।”

माकपा ने कहा, “आरएसएस के महासचिव सुरेश जोशी ने दावा किया कि सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश की पाबंदी लाखों श्रद्धालुओं के परंपरा व विश्वास का मामला है, जिनकी ‘भावनाओं’ को दरकिनार नहीं किया जा सकता। केरल में, आरएसएस के प्रमुख गोपालनकुट्टी ने कहा कि संघ फैसले का आदर करेगा लेकिन अगले ही दिन वह इससे पलट गए।”

संपादकीय में कहा गया कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के विरुद्ध ‘श्रद्धालुओं’ द्वारा प्रदर्शन भाजपा व आरएसएस द्वारा आयोजित करवाए गए, जिसमें नायर सर्विस सोसायटी भी शामिल थी।

संपादकीय के अनुसार, “इन समाजिक रूढ़िवादियों की ओर से लिए गए पक्ष की उम्मीद थी। लेकिन जिसकी उम्मीद नहीं थी,वह केरल में कांग्रेस द्वारा पाखंडी और अवसरवादी रवैया अपनाने की।”

माकपा ने कहा, कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने नई दिल्ली में कहा कि पार्टी सर्वोच्च न्यायालय के इस प्रगतिशील व दूरगामी निर्णय का खुले दिल से स्वागत करती है, लेकिन केरल में कांग्रेस ने इसके विपरीत रुख अपनाया।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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