ग्रामीण मांग : दो पहिया वाहन लॉकडाउन बाद अर्थव्यवस्था पुनर्जीवित करने की शक्ति बन सकते ?

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चेन्नई: हरा और नारंगी प्रभावित ग्रामीण और अर्ध शहरी बाजारों से मांग पर दो पहिया वाहन की बिक्री हो रही हैं जो कि अर्थव्यवस्था  उछाल को भी वापस ला सकती है। रबी फ़सल (सर्दियों की फ़सल) और कुछ सरकारी योजनाएँ भी दिखी है  जिनमें उपभोक्ताओं और टू व्हीलर कंपनियों के साथ-साथ फाइनेंसरों के भी पैसे बढ़े हैं साथ ही साथ पहले से ही काफी सकारात्मक संकेत देखे जा रहे हैं।

Two-wheeler volumes in India to shrink 13% in FY21 with Covid-19 ...इतना ही नहीं टू व्हीलर फाइनेंसरों का कहना है कि कम नकदी प्रवाह के बावजूद, शोरूम फिर से खोलने के पहले दो हफ्तों में ग्रामीण बेहतर कर रहे हैं। “छोटे शहरों और कस्बों में हमारे द्वारा ऋण वितरण शुरू हो गया है। हमने अब तक 30000 से अधिक ऋण जारी भी किए हैं। अप्रैल में पूर्ण लॉकडाउन के महीने में हमने 54% संग्रह का प्रबंधन किया और मई में अब तक हमने 60% एकत्र कर लिया है, ”वाईएस चक्रवर्ती, एमडी और सीईओ, श्रीराम सिटी यूनियन फाइनेंस ने कहा है।

Two-wheeler volumes likely to contract by 11-13 per cent in FY21 ...“जबकि हम मूल्य को 70% -75% ऋण देना जारी भी रख है व ऋण की पूर्ण राशि कम भी  हो सकती है क्योंकि वाहन की लागत बीएस 6 के बाद काफी बढ़ गई है और बीमा भी महंगा हो गया है। कुछ मामलों में जहां हम आम तौर पर 24 महीनों के लिए उधार देते हैं वही दूसरी तरफ हमने इसे बढ़ाकर 30 महीने कर दिया है क्योंकि नकदी में प्रवाह कुछ वर्गों के लिए एक समस्या का कारण भी हो सकती है, ”उन्होंने कहा।

Two-wheeler companies like Hero MotoCorp, Bajaj Auto may race ...“ दो पहिया वाहनों के लिए ग्रामीण मांग बेहतर ग्रामीण आय की भावनाओं के कारण अपने शहरी समकक्ष की तुलना में तुलनात्मक रूप से बेहतर होने की उम्मीद है। 2019 में जलाशयों में औसत से अधिक जल स्तर के साथ रबी की अच्छी फसल की उम्मीद भी रही है  जो सर्दियों की फसल बुवाई में 10% की वृद्धि कारण लाभप्रदता लगभग 6% बढ़ने का अनुमान है। इसके अलावा मानसून की उम्मीद के साथ आगामी खरीफ सीजन में भी अच्छी तरह से कमाई होने की उम्मीद है, हेतल गांधी ने कहा ।

 

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