जैविक खेती और भूमि पूजन के बहाने देशभर में किसानों से संवाद करेगा RSS

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े ‘अक्षय कृषि परिवार’ ने देशभर में जैविक खेती की तरफ किसानों को प्रेरित करने की बड़ी योजना बनाई है। इसके लिए 13 अप्रैल को शुरू हो रहे हिंदू नववर्ष से 24 जुलाई तक अभियान चलाने की तैयारी है। देशभर के किसानों से संवाद के अभियान को भूमि सुपोषण एवं संरक्षण राष्ट्रीय जन अभियान नाम दिया गया है। खास बात यह है कि भूमि सुपोषण एवं संरक्षण अभियान की शुरुआत, भूमि पूजन से होगी। राष्ट्रीय और राज्य स्तर से लेकर गांवों तक 13 अप्रैल को भूमि पूजन कर इस अभियान का शुभारंभ होगा।

अभियान के राष्ट्रीय संयोजक जयराम सिंह पाटीदार और गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. भगवती प्रकाश ने बताया कि इस जन अभियान का संचालन कृषि एवं पर्यावरण क्षेत्र में कार्यरत संस्थाओं की ओर से होगा। देशभर के किसानों से संवाद कर उन्हें मिट्टी के पोषण के बारे में जानकारी देकर रासायनिक उत्पादों के प्रयोग से बचने की सलाह दी जाएगी। खेती के परंपरागत साधनों की तरफ लौटने के लाभ बताए जाएंगे। उन्होंने बताया कि यह भ्रम है कि जैविक खेती से उत्पादन कम होता है। जैविक खेती से जहां मिट्टी की उत्पादकता बनी रहती है, वहीं इससे रासायनिक उत्पादों की तुलना में दोगुनी पैदावार प्राप्त की जा सकती है।

उन्होंने बताया कि खेती में लागत निरंतर बढ़ रहा है। आर्गनिक कार्बन की मात्रा कम होने से उत्पादन भी घट रहा है। भूमि की जल धारण क्षमता और जलस्तर भी अधिकांश स्थानों पर घट रहा है। कुपोषित भूमि के कारण लोग रोगों का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में तीन महीने तक चलने वाले इस अभियान के माध्यम से भारतीय कृषि चिंतन को स्थापित करने की तैयारी है। उन्होंने बताया कि यह जन अभियान गत चार वर्षों से किए जा रहे व्यापक परामर्श प्रक्रिया का परिणाम है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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