आरएसएस ने जीबी रोड की सेक्स वर्कर महिलाओं को पहुंचाई मदद

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आरएसएस और सेवा भारती ने शुक्रवार को जीबी रोड श्रद्धानंद मार्ग पर सेक्स वर्कर महिलाओं और उनके परिवार को राशन बांटा। इन महिलाओं ने आरएसएस को फोन कर मदद मांगी थी। आरएसएस की दिल्ली इकाई के संयुक्त सचिव अनिल गुप्ता ने बताया, “हमने एक हेल्पलाइन लॉन्च की है और इस हेल्पलाइन नंबर पर हमें रोज लगभग 10000 कॉल आ रहे हैं। जगह-जगह से लोगों के कॉल आ रहे हैं। इसी क्रम में हमारे कार्यकर्ता जो इसी एरिया में रहते हैं, उनको कॉल आया कि सेक्स वर्कर परेशान हैं, उनको और उनके परिवार वालों को राशन नहीं मिल पा रहा है। इनकी जरूरतों को समझते हुए हमने इस पूरे एरिया का सर्वे करवाया।”

गौरतलब है कि आरएसएस ने इस पूरे इलाके का जायजा कराया था, जिसमें 986 ऐसे परिवारों को चिन्हित किया गया था, जिन्हें राशन की जरूरत थी, जिसके बाद ये राशन बांटने की प्रक्रिया पूरी की गई।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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