आरएसएस और शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड इस मामले में रखते है एक जैसी सोच

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जयपुर। उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने दावा किया है कि सुप्रीम कोर्ट के समलैंगिकता के फैसले से भारतीय संस्कृति खराब हो जाएगी।

रिजवी ने कहा की “अगर हम इसे धार्मिक दृष्टि से देखते है, तो किसी भी धर्म में ऐसी चीजों की अनुमति नहीं है। पश्चिमी संस्कृति को भारत में मान्यता नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि इससे हमारी संस्कृति, परंपरा और समाज खराब हो जाएगा। मुझे लगता है कि सुप्रीम कोर्ट की समीक्षा करनी चाहिए यह निर्णय बिल्कुल गलत है। मुझे लगता है कि जो लोग इस फैसले का जश्न मना रहे हैं वे लापरवाही कर रहे है।”

इसके अलावा, यूपी शिया वक्फ बोर्ड के चीफ ने कहा कि समलैंगिकता को विलुप्त करने से अपराध दर में वृद्धि होगी। आपको बता दे की आरएसएस ने भी कुछ इसी प्रकार की प्रतिक्रिया दी है।आरएसएस में अपने एक ट्वीट में कहा है की वो अदालत के फैसले का सम्मान करते है लकिन वो अभी भी समलैंगिकता को सही नहीं मानते है।

आरएसएस ने अपने अधिकारिक बयान में कहा है की “सुप्रीम कोर्ट की तरह, हम भी इसे अपराध के रूप में नहीं मानते हैं। वही सामान सेक्स के लोगों का विवाह प्रकृति के मानदंडों के अनुरूप नहीं है, इसलिए हम ऐसे संबंधों का समर्थन नहीं करते है। भारतीय समाज में ऐसे संबंधों को पहचानने की परंपरा भी नहीं है। मनुष्य आम तौर पर अनुभवों से सीखते है, यही कारण है कि इस मुद्दे को सामाजिक और मनोवैज्ञानिक स्तर पर ध्यान देने की आवश्यकता है।“

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यानी आज भी हमारे समाज में इसे प्राकर्तिक नहीं माना जा रहा है, वहीं इस मुद्दे पर केंद्र सरकार भी चुप रही है। कोर्ट के इस फैसले को ऐतिहासिक बताया जा रहा है लेकिन इस ऐतिहासिक ग]फैसला में इस देश की सरकार का कोई भी पक्ष नहीं है। सरकार ने इस मुद्दे पर पहले ही कहा दिया था की वो इस मुद्दे पर कोर्ट के आदेश पर निर्भर करती है।

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