बड़े मैचों में नहीं चलते रोनाल्डो : जुर्गन कोलर

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इटली लीग की मौजूदा चैम्पियन जुवेंतस के पूर्व कोच यर्गन कोलर का मानना है कि पुर्तगाल के स्टार फारवर्ड क्रिस्टियानो रोनाल्डो एक ‘सच्चे चैम्पियन’ हैं लेकिन अक्सर बड़े मैचों में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते। रोनाल्डो इस समर ट्रांसफर विंडो में स्पेनिश क्लब रियल मैड्रिड के साथ अपने नौ साल के करियर पर विराम लगाते हुए जुवेंतस में शामिल हुए थे और अभी तक नए क्लब के लिए अपना गोल करने में कामयाब नहीं हो पाए हैं।

कोलर ने जर्मन टीवी चैनल ‘स्पोर्ट वन’ से कहा, “रोनाल्डो की क्षमता के बारे में दो तरह की बातें हैं ही नहीं। स्पेन में उनके नाम बहुत सारे रिकॉर्ड हैं, उन्होंने बड़े-बड़े खिताब जीते हैं और आपको उन्हें सम्मान देना ही होगा। हालांकि, मैं यह जरूर कहूंगा कि आप निर्णायक मैचों में रोनाल्डो को कभी-कभार ही देख पाते हैं। फिर वह एक पेनल्टी के जरिए गोल कर स्कोर 4-1 कर देते हैं और फिर चाहते हैं कि उसका जश्न मनाया जाए लेकिन वह ऐसे ही हैं।”

जुवेंतस अपने अलगे लीग मुकाबले में 15 सितम्बर को सासाउलो का सामना करेगा।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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