एक्शन सीक्वेंस फिल्माने के लिए बेकरार हो रहे थे रोहित : Ranveer

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बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह का कहना है कि रोहित शेट्टी बड़े पैमाने पर एक नए एक्शन सीक्वेंस को फिल्माने के लिए काफी बेकरार हो रहे थे। रणवीर कहते हैं, “रोहित सर और मैं एक्शन से भरपूर एक प्रोजेक्ट पर वापसी कर बेहद खुश हैं। रोहित सर ने मुझसे मजाक में कहा कि उन्हें लंबे समय से उड़ती हुई कारें और गोलियों की बौछारों के साथ वाले एक बड़े पैमाने के एक्शन दृश्य की शूटिंग करने की बेकरारी हो रही थी और मैं उनकी इस भावना को बेहतर तरीके से समझ सकता हूं।”

उन्होंने आगे कहा, “आखिरी बार ‘सूर्यवंशी’ के क्लाइमैक्स के दौरान हमने एक्शन की साथ में शूटिंग की थी, इसलिए हम दोनों के लिए ही इस बार की शूटिंग बेहद संतोषजनक है। बहुत टाइम से एक्शन का कीड़ा काट रहा है हम दोनों को।”

दोनों इस वक्त ‘सर्कस’ पर काम कर रहे हैं।

न्यूज स़ोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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