रॉकवेल ऑटोमेशन की बिक्री बढ़कर 1.73 अरब डॉलर

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औद्योगिक ऑटोमेशन कंपनी रॉकवेल ऑटोमेशन ने 30 सितंबर को खत्म हुई चौथी तिमाही में 1.73 अरब डॉलर का राजस्व दर्ज किया है, जबकि कंपनी का मुनाफा 34.59 करोड़ डॉलर रहा है। पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में कंपनी की आय 20.46 करोड़ डॉलर रही थी।

कंपनी ने गुरुवार देर रात एक बयान में कहा कि पूर्ण वित्त वर्ष 2018 में कंपनी की बिक्री में 5.6 फीसदी की वृद्धि हुई, जोकि 6.6 अरब डॉलर रही, जबकि वित्त वर्ष 2017 में यह 6.3 अरब डॉलर थी।

कंपनी के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी ब्लेक डी. मोरेट ने बताया, “हमारी ऑर्गेनिक बिक्री दर (चौथी तिमाही में) उम्मीदों के मुताबिक ही बढ़ी है, जो उद्योगों की विस्तृत श्रंखला में विकास से प्रेरित है।” कंपनी की सबसे ज्यादा बिक्री भारी उद्योग खंड में हुई।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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