रिवरसॉन्ग ने स्मार्ट गैजेट ब्रैंड एसीटी एचआर लॉन्च किया

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रिवरसॉन्ग इंडिया ने स्मार्ट गैजेट ब्रैंड एसीटी एचआर लॉन्च किया है जो यूजर को फिटनेस के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मुहैया कराएगा। यह स्मार्ट बैंड सेहत को दुरुस्त रखने में मदद करेगा। फिटनेस ट्रैकर की नई रेंज पर रिवरसांग (इंडिया) के पंकज आनंद ने कहा, “स्मार्ट नोटिफिकेशन, इनबिल्ट यूएसबी चार्जर, इनकमिंग कॉल फैसिलिटी, इनकमिंग मैसेज और अलार्म फैसिलिटी, बिना कुछ काम किए खाली बैठे रहने का रिमाइंडर, कैमरा कंट्रोल (इससे यूजर अपने हाथ को हल्के से हिला कर फोटो खींच सकता है। दिल की धड़कन की निगरानी (वर्कआउट में कोई रुकावट डाले बिना एक मिनट में दिल कितनी बार धड़कता है, इसकी निगरानी कर सकता है। इसके अलावा इसकी कई और खूबियां है।”

एसीटी एचआर की बैटरी लाइफ 3-4 दिन की है और 7 दिन का स्टैंडबाई टाइम है। यह बैंड एक ऐप से कनेक्ट है, जिसे गूगल प्लेस्टोर से आरएस एसीटी फॉर एसीटी एचआर से 1199 रुपये में डाउनलोड किया जा सकता हैं। यह प्रॉडक्ट फ्लिपकार्ट पर विशेष रूप से मिल रहा है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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