रैबडोमायोसरकोमा कैंसर होता है ज्यादातर छोटे बच्चों में

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जयपुर। कैंसर को एक घातक बीमारी के रूप में जाना जाता है। डॉक्टर और विशेषज्ञ इससे बचने के लिए रोज नए—नए शोध करते रहते है। क्योंकि कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिससे हर साल पूरी दुनियां में लाखों लागों की मौत हो जाती है। वैज्ञानिक कैंसर के रोग के बारे में बताते है कि ये महिलाओं की तुलना में पुरूषों में अधिक होता है।

हाल ही में मिली सूचना के अनुसार बताया गया है कि अब तक कैंसर के होने के 100 कारकों को खोजा जा चुका है। वैसे तो कैंसर कई प्रकार के होते है और इनके होने के भी कई कारण होते है। लेकिन इन्ही में एक रैबडोमायोसरकोमा नामक कैंसर भी होता है।

इस कैंसर के होने पर मरीज की मांसपेशियों में ट्यूमर बन जाता है। लेकिन अभी तक भी इस कैंसर के होने के कारणों का पता नही लग पाया है। हां लेकिन वैज्ञानिक बताते है कि इस कैंसर के ज्यादा शिकार 19 वर्ष से कम उम्र के बच्चे होते हैं। इसके बारे में वैज्ञानिक बताते है कि ये बच्चों में होने वाला तीसरा कैंसर का प्रकार है।

हालांकि इस बात का कोई प्रमाण तो नहीं है लेकिन माना जाता है कि ये कैंसर कोशिकाओं के डीएनए में कुछ बदलाव के कारण उत्पन्न होता है।

यह कैंसर ज्यादातर गर्दन या सिर की कोशिकाओं में पाया जाता है। इसमें सिर में दर्द, आंखों का बाहर आना, आंख फड़कना,नाक व कान से खून आना, आंखों में सूजन होना और गले से रक्तस्राव होता है जैसे कई लक्षण शामिल होते हैं। इसका इलाज सर्जरी,रेडिएशन थेरेपी, कीमोथेरेपी जैसे कई इलाज को शामिल किया जाता है।

 

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