रेशमा पटेल ने भाजपा छोड़ी, पार्टी को ‘मार्केटिंग कंपनी’ बताया

0
51

गुजरात में साढ़े दो वर्षो तक पटेल आंदोलन का महिला चेहरा रहीं रेश्मा पटेल ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया और कहा कि पार्टी सिर्फ एक ‘मार्केटिंग कंपनी’ है, और कुछ नहीं। हार्दिक पटेल की अगुवाई में पाटीदार आंदोलन की एक मुख्य सदस्य रहीं रेशमा पटेल ने बाद में भाजपा की सदस्यता ले ली थी। उन्होंने गुजरात भाजपा अध्यक्ष जीतू वघानी को अपना इस्तीफा सौंप दिया।

अपने पत्र में उन्होंने कहा, “भाजपा अब केवल एक मार्केटिंग कंपनी बन गई है और हमें सरकार की फर्जी नीतियों और फर्जी योजनाओं की मार्केटिंग करने और लोगों को मूर्ख बनाने के लिए कहा जा रहा है।”

उन्होंने कहा, “मैं लगातार दुख और अन्याय होते देखना नहीं चाहती और इसलिए मैंने खुद को इस तरह के तानाशाह नेताओं अन्यायपूर्ण साझेदारी से मुक्त कर लिया और जनहित में पार्टी से इस्तीफा दे रही हूं।”

सरकार ने आश्वासन दिया था कि पटेल समुदाय की मांगों को स्वीकार किया जाएगा, जिसके बाद वह भाजपा में शामिल हो गई थीं।

जब पटेल को पाटीदार अनामत आंदोलन समिति के अन्य नेताओं के साथ भाजपा में शामिल किया गया था तो उन्हें प्रवक्ता की जिम्मेदारी दी गई थी।

लेकिन, बाद में रेशमा पटेल ने पार्टी के खिलाफ रुख अख्तियार कर लिया और उन्होंने कई मुद्दों पर भाजपा की आलोचना की।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleलोकसभा चुनाव 2019: तीन बार सांसद रहे भाजपा नेता ने शरद यादव के लिए छोड़ी सीट!
Next articleप्रवर्तन निदेशालय को दीपक तलवार से जेल में पूछताछ की अनुमति
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here