शोधकर्ताओं ने किया खुलासा, दिमाग में आयरन के जमा होने से होती अल्जाइमर की बीमारी

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जयपुर।कोरोना संक्रमण के दौर में शरीर को बीमारियों से दूर रखना बेहद आवश्यक है।क्योंकि शरीर में किसी प्रकार की बीमारी के होने से कोरोना संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।ऐसे में आज के समय में बढ़ती अल्जाइमर एक ऐसी बीमारी है, जिसका सीधा असर हमारे दिमाग पर पड़ता है और इससे हमारी याददाश्त प्रभावित होती है।

हाल ही में ऑस्ट्रिया की मेडिकल यूनिवर्सिटी ऑफ ग्राज के शोधकर्ताओं ने इस बात का खुलासा करते हुए बताया है कि अल्जाइमर की बीमारी से पीड़ित लोगों के दिमाग के कई हिस्सों में आयरन जमा हो जाता है और जिसके कारण अल्जाइमर के मरीजों की याददाश्त कमजोर होने लगती है।

शोधकर्ताओं ने बताया है कि दिमाग की बाहरी परत में आयरन सांद्रता एक महत्वपूर्ण प्रोटीन एमाइलॉइड बीटा के साथ जुड़कर मस्तिष्क की कोशिकाओं और उसके आसपास जमा हो जाता है जिसके कारण ही मस्तिष्क में अल्जाइमर की बीमारी होने लगती है।जिसका प्रभाव मरीज की याददाश्त पर भी पड़ना शुरू होने लगता है।

ऐसे में अल्जाइमर की बीमारी का समय पर इलाज करवाना बेहद आवश्यक है। आयरन को कम करने की दवा से अल्जाइमर का प्रभावी इलाज किया जा सकता है।इसके इलाज के लिए डॉक्टर एमआरआई आधारित आयरन मैपिंग पद्धति का सहारा लेकर अल्जाइमर की बीमारी की जांच करते है।

अल्जाइमर की बीमारी का समय पर इलाज करवाने से यह बीमारी आसानी से नियंत्रित की जा सकती है और इससे मरीज की याददाश्त को मजबूत बनाया जा सकता है।आप अपने शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए प्रतिदिन योगासन का अभ्यास करें।आप अपनी याददाश्त को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रतिदिन मेडिटेशन या ध्यान योग का अभ्यास करें।

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