शोधकर्ताओं ने किया सोयाबीन के तेल पर रिसर्च, मानव के मस्तिष्क को प्रभावित करने का दावा

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जयपुर।वैज्ञानिकों ने सोयाबीन के तेल पर किए गए एक शोध के अनुसार इस मानव के ​मस्तिष्क के लिए घातक प्रभाव करने वाला माना है।आम तौर पर सोयाबीन के तेल का खाने में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है,लेकिन एक भारतवंशी शोधकर्ता सहित शोधकर्ताओं के दल ने अध्ययन में पाया है कि इस तेल के इस्तेमाल से मानव के मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है।

शोधकर्ता का मानना है कि सोयाबीन तेल के सेवन से ना सिर्फ मोटापा और डायबिटीज जैसी बीमारिया बढ़ती है, बल्कि इसके इस्तेमाल करने से ऑटिज्म, अल्जाइमर और डिप्रेशन जैसी घातक बीमारियां भी लोगो में देखी गई है।हाल ही में अमेरिका की कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने इस तेल को लेकर एक चूहों पर किए गए एक अध्ययन में

बताया है कि मस्तिष्क के हाइपोथेलेमस हिस्से पर सोयाबीन तेल का प्रभाव देखने को मिला है।वैज्ञानिकों ने बताया कि मस्तिष्क के इसी हिस्से में हार्मोन के स्राव समेत कई अहम प्रक्रियाएं संपन्न होती है।वैज्ञानिकों को अपने इस शोध में सोयाबीन तेल से मस्तिष्क के करीब 100 जीन को प्रभावित होते पाया गया है।

जिसके बाद शोधकर्ताओं ने मानव के लिए इस सोयाबीन के तेल को घातक मानते हुए इस्तेमाल ना करने की चेतावनी दी है।इसके साथ अमेरिका के यूसी सैन डिएगो स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओ ने नशे की लत के संबंध में शराब को

लेकर बताया कि न्यूरोसाइंस में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, लेकिन ब्रेन सर्किट्स, न्यूरोट्रांसमीटर्स और प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स के बारे में वैज्ञानिको को सफलता मिली है और नशे के कारण मानव मस्तिष्क और अन्य शारिरीक क्रियाओं के बारे में अभी भी कई शोध करने बाकी बचें हुए है।

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