शोधकर्ताओं ने किया इस बात का दावा, महिलाओं की अपेक्षा पुरूषों में अधिक होता कैंसर बढ़ने का खतरा

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जयपुर।कैंसर रोग के बढ़ने को लेकर शोधकर्ताओं ने एक महत्वपूर्ण बायोलॉजिकल मैकेनिज्म की खोज करते हुए इस बात का दावा किया है कि महिलाओं की तुलना में पुरुषों में कैंसर रोग के बढ़ने का खतरा अधिक बना हुआ है।शोधकर्ताओं ने इस शोध के बारे में बताया है कि इस से महिला और पुरुषों में कैंसर के अलग-अलग इलाज और रोकथाम में मदद मिल सकती है।इस शोध का अध्ययन नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट जर्नल में प्रकाशित किया गया है।

इस अध्ययन में बताया गया है कि महिलाओं की तुुलना में पुरुषों में कैंसर का खतरा अधिक होने की वजह लिंग-निर्धारण करने वाले वाई क्रोमोजोम के कुछ खास जीन की कार्यप्रणाली का खत्म होना माना जा सकता है और यह वाई क्रोमोजोम जीन सिर्फ पुरुषों में ही पाया जाता है।

वाई क्रोमोजोम कुंडलाकार धागे की तरह बने होते है, जिसमें डीएनए के रूप में जेनेटिक मैटेरियल और जीनोम को नियंत्रित करने वाले कुछ प्रोटीन भी पाए जाते है। शोधकर्ताओं ने इस बात को भी बताया है कि दो एक्स क्रोमोजोम वाला भ्रूण महिलाओं में विकसित होता है और एक्स और एक वाई क्रोमोजोम पुरुषों में विकसित होता है।

ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ एडिलेड के शोधकर्ताओं ने कैंसर बढ़ने के कारणो पर अध्ययन करते हुए करीब 9 हजार लोगों से मिले आंकड़े का इस्तेमाल किया और विभिन्न प्रकार के कैंसर के रोगियो में वाई क्रोमोजोम वाले मरीजों के जीन

की कार्यप्रणाली का अध्ययन करते हुए इस बात का पता लगाया कि विभिन्न कोशिकाओं में 6 महत्वपूर्ण वाई क्रोमोजोम की कार्यप्रणाली नष्ट होने से विभिन्न प्रकार के कैंसर का खतरा महिलाओं की तुलना में पुरूषों में अधिक बढ़ जाता है।

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