रिलायंस इन्फ्रा 7000 करोड़ रुपये की लागत से वर्सोवा-बांद्रा सी-लिंक का निर्माण करेगी

0
71

रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (आरइन्फ्रा) 7,000 करोड़ रुपये की लागत से वर्सोवा-बांद्रा के बीच 17.17 किलोमीटर लंबे सी-लिंक (वीबीएसएल) का निर्माण करेगी। यह जानकारी बुधवार को कंपनी की ओर से दी गई। परियोजना पांच साल के भीतर चालू होगी, जिसके बाद 90 मिनट का सफर महज 10 मिनट में तय किया जाएगा।

वीबीएसएल को मौजूदा बांद्रा-वर्ली सी-लिंक (बीडब्ल्यूएसएल) से जोड़ा जाएगा। बांद्रा-वर्ली सी-लिंक की लंबाई 5.6 किलोमीटर है।

मुंबई मेट्रोपोलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) ने यह परियोजना आरइन्फ्रा को अवार्ड की है, जो विश्वस्तरीय ठेकेदारों के सहयोग से परियोजना के कार्य पहले ही पूरी कर चुकी है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleहाॅलीवुड की फिल्म अवतार का ये रिकाॅर्ड एवेंजर्स एंडगेम ने किया ध्वस्त
Next articleOnePlus 5 और 5T के लिए नया OxygenOS ओपन बीटा फाइनल होगा रोल आउट
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here