कश्मीर में शर्तों पर मिल रही रिहाई, अनुच्छेद 370 पर बोलने पर भेज दिया जाएगा जेल

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जयपुर। बड़े नेताओं के साथ कश्मीर राजनीतिक रूप से हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने के लिए एक बांड पर हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं, जिसके अंदर यह बताया जा रहा है कि वह रिहा होने के बाद किसी भी तरीके से 370 का विरोध किया इसके खिलाफ में बयानबाजी करेंगे तो उन्हें फिर से गिरफ्तार किया जा सकता है.

अगस्त के महीने में सरकार के द्वारा जम्मू-कश्मीर के 370 के प्रावधानों को हटा दिया गया था और इन अधिकतर प्रावधानों को हटाने के बाद केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर को 2 केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया है और उसी के समय यहां पर मौजूद सभी बड़े राजनेताओं को घर में गिरफ्तार करके रखा गया है और अब उन्हें रिहा कराने वाले के लिए बॉन्ड पर हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं और उसके तहत शर्त रखी जा रही है जो सीधे तौर पर देश में संविधान के तहत मिले अधिकारों का खुलेआम दुरुपयोग हो रहा है.

नहीं आपको बता दे कि मीडिया में आई जानकारी के अनुसार हाल ही में रिहा करी गई 2 महिलाओं से धारा 107 के संशोधित बांड पर हस्ताक्षर कराए गए हैं जिसका आमतौर पर उन मामलों में उपयोग किया जाता है जब कोई जिला मजिस्ट्रेट अपने प्रशंसक अनेक शक्तियों का उपयोग आपराधिक प्रक्रिया संहिता के तहत किसी को सुरक्षा कारणों से हिरासत में लेने के लिए करते हैं वही बांड की सामान्य शर्तों के तहत संभावित रूप से समस्या पैदा करने वालों को शांति का उल्लंघन नहीं करने या किसी भी कार्य को अंजाम नहीं देने का वादा करना पड़ रहा है जो शायद शांति का उल्लंघन हो सकता है इस वादे का कोई भी उल्लंघन करने से हिरासत में लिए गए व्यक्ति को राज्य सरकार को जुर्माना देना होता है हालांकि नए फोन में दो मायनों में अलग है.

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