रीबॉक एक लोगो के तहत एकजुट होगा

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स्पोर्ट्सवेयर ब्रांड रीबॉक ने गुरुवार को घोषणा करते हुए कहा कि वह अगले साल एक ब्रांड और वर्ल्डमार्क के साथ एकजुट हो रहा है। इसने कहा कि यह अपनी सबसे पहचानने योग्य और विशिष्ट संपत्ति-वेक्टर लोगो और ‘ड्रॉप-आर’ वर्डमार्क का लाभ उठाएगा।

वर्डमार्क और लॉगो को पूरी तरह से सभी रीबॉक स्पोर्ट्स और लाइफस्टाइल उत्पादों में एकीकृत किया जाएगा, जिसमें जूते और कपड़े शामिल हैं। यह विकास रीबॉक की गौरवशाली विरासत पर एक रोशनी डालता है, इसकी समृद्ध विरासत को इसके रोमांचक भविष्य से जोड़ता है।

रीबॉक के अध्यक्ष मैट ओ’टोल ने कहा, “रीबॉक को हमारा मकसद दुनिया में सबसे अच्छा फिटनेस ब्रांड बनना है। हम फिटनेस और फैशन के बीच में रहते हैं। और हमरा ब्रांड इन कनेक्शन का प्रतिबिंब है।” एडिडास ने 2005 में 3.8 अरब डॉलर के सौदे में रीबॉक का अधिग्रहण किया था।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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