रेड डी हिमालया : 2015 के विजेता सेरिंग पहले दिन ही बाहर

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रेड डी हिमालया के 20वें संस्करण के प्रबल दावेदार माने जा रहे पोलारिस टीम के लखपा सेरिंग दुनिया की सबसे कठिन रैलियों में शुमार इस रैली के पहले दिन बुधवार को ही इलेक्ट्रीकल फेल्योर (तकनीकी खराबी) के कारण बाहर हो गए। 2015 मे खिताब जीतने वाले लखपा की बाइक आरजेडआर 1000 टर्बो डायनामिक्स ने उन्हें पहले दिन ही कारगिल सेक्टर में पहली स्टेज में ही धोखा दे दिया।

पहले दिन 200 प्रतिद्वंद्वियों ने 4,496 मीटर ऊंचाई स्थित सांको, उम्बा ला का रास्ता तय किया। उम्बा ला से यह सभी ड्रास और फिर गेटवे ऑफ लद्दाख पहुंचे।

अपने 20 साल के इतिहास में पहली बार रेड कारगिल से शुरू हुई है और अब यह हिमालय की कई ऊंची चोटियों को पार करेगी। रेड एक्सट्रीम में कुल 75 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिसमें एक्सट्रीम चार गुणा चार एक्सट्रीम मोटो और एक्सट्रीम अल्पाइन शामिल है।

श्रीलंका के सरफराज जुनैद और अखरी अमीर ने भी तकनीकी कारण से बाहर हो गए। उनका कोलंबो से लाए गए निसान ट्रक में तकनीकी खराबी आ गई।

टूर्नामेंट के आयोजक और और हिमालयन मोटरस्पोर्ट के अध्यक्ष विजय परमार ने कहा कि, “श्रीलंकाई जोड़ी को शायद पता नहीं था कि द रेड कितनी मुश्किल है।”

रेड एक्सट्रीम मोटो में टीम टीवीएस के नटराज आगे हैं। दूसरे स्थान पर विश्वास और केटीएम 450 के साथ सफर करने वाले नागपुर के जतिंदर जैन तीसरे स्थान पर हैं। जतिन इंडियन नेशनल रैली चैम्पियनशिप (आईएनआरसी) में नियमित रूप से हिस्सा लेते हैं, लेकिन वह रेड में पहली बार शिरकत कर रहे हैं।

अल्पाइन कैटेगरी में स्कूटर्स हावी रहे। टीवीएस एन टोर्क के साथ सफर करने वाले सयैद आसिफ अली पहले दिन शीर्ष स्थान पर रहे। नागपुर के अशोक मुन्ने और मुंबई के विनोद रावत ने सफलता पूर्वक दिन का अंत किया।

यह रेड डी हिमालया लेह में 14 अक्टूबर को समाप्त होगी।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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