रेड डी हिमालया : टॉप पर पहुंचे पोलारिस टीम के अरिंदम

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टीम पोलारिस के अरिंदम सेइकिया ने 20वीं रेड डी हिमालया के दूसरे दिन गुरुवार के चरण की समाप्ति के बाद पहला स्थान हासिल कर लिया है। बर्फबारी के कारण यह चरण प्रभावित रहा। पहले दिन की समाप्ति तक अरिंदम 14वें स्थान पर थे। वह अपने शानदार स्किल और साहस के दम पर पेंजी ला की चढ़ाई पूरी करने के बाद पहले स्थान पर पहुंच गए हैं। पांजी ला में तापमान शून्य से 16 डिग्री सेल्सियस रहा।

दिल्ली स्थित रैलिंग क्लब-हारजी रैलिंग टीम के हिमांशु अरोड़ा ने अपनी मारुति सुजुकी जिप्सी के साथ दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। टीम आर्मी के कर्नर शक्ति बजाज तीसरे स्थान पर हैं जबकि 2014 के रेड विनर कैप्टन एवीएस गिल इस कटेगरी में चौथे स्थान पर हैं।

हारजी रैलिंग टीम के ही हरप्रीत बावा पांचवें स्थान पर हैं। रेड डी हिमालया का यह संस्करण 14 अक्टूबर को समाप्त होगा।

टीम महेंद्रा के अमित्राजीत घोष पहले दिन की समाप्ति के बाद लीड कर रहे थे लेकिन दूसरे दिन वह नाकाम रहे। दो फ्लैप गंवाने के कारण उन्हें कई मिनट का नुकसान हुआ। उनकी टीम के साथी फिलिपोस मथाई दूसरे स्थान से नीचे खिसक गए हैं।

कोर्स क्लेर्क मंजीव भल्ला ने कहा कि चालकों को इस रास्ते पर बर्फ का सामना करना पड़ा। रास्ता काफी फिसलन भरा था और पूरे दिन यही हाल रहा। लद्दाख क्षेत्र के पेंजी ला में चालकों को काफी मुश्किल भरा समय देखना पड़ा। यह स्थान 4400 मीटर की ऊंचाई पर है और जांस्कार के रास्ते पर है।

चालकों की सुबह बर्फबारी के बीच हुई। पानीखार से पंजी ला के रास्ते में हर बाइक सवार कम से कम एक बार गिरा। सौभाग्य से हर बाइक सवार ने बिना किसी गम्भीर चोट के दूसरे दिन की रेस पूरी की।

सभी चुनौतियों के बीच टीम टीवीएस के आर. नटराज ने एक्सट्रीम मोटो कटेगरी में दूसरे बाइकर्स की तुलना में अच्छी-खासी लीड हासिल कर ली है। इमरान पासा दूसरे स्थान पर हैं जबकि विस्वास एसजी तीसरे, अबरार बिन अयूब चौथे और राणा प्रताप सिंह पांचवें स्थान पर हैं।

दूसरे दिन अगर सबसे अधिक नुकसान किसी को हुआ तो वह हैं गुरुग्राम के संजय अग्रवाल। कई रेसों को सफलतापूर्वक पूरा कर चुके अग्रवाल अपनी ग्रैंड विटारा में सवार होकर अच्छी तैयारी के साथ मैदान में उतरे लेकिन किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। उनकी कार बुधवार को खड्ढे में गिर गई थी और गुरुवार को उनकी कार का एक पहिया बाहर आया गया। यह घटना पेंजी ला से नीचे आते समय की है।

टीम आर्मी के लेफ्टिनेंट कर्नल बीडी मलिक को रेड एक्सट्रीम से बाहर होना पड़ा क्योंकि उनकी जिप्सी का अगला पहिया एक पत्थर से टकराकर टूट गया। कार को भी काफी नुकसान हुआ।

श्रीलंका के सरफराज जुनैद और अखरी आमीर भी पहले दिन बाहर हो गए थे।

कुछ बुरी घटनाओं के बीच एक अच्छी घटना यह रही है कि एक्सट्रीम कटेगरी में हिस्सा ले रहे दो एम्पयूटी चालक अशोक मुन्ने और विनोद रावत अभी भी प्रतिस्पर्धा में बने हुए हैं।

20 साल के इतिहास में रेड की शुरुआत 10 अक्टूबर को कारगिल से हुई। अलग-अलग कटेगरी में कुल 75 चालक इसमें हिस्सा ले रहे हैं। इन कटेगरीज में रेड एक्सट्रीम, एक्सट्रीम 4 गुणा 4, एक्सट्रीम मोटो और एक्सट्रीम अल्पाइन शामिल हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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