भारत की अवधारणा को दोबारा हासिल करना अगले चुनाव की सबसे बड़ी चुनौती : राहुल

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी सरकार पर असहिष्णुता को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए शनिवार को कहा कि अगले लोकसभा चुनाव में भारत की सहिष्णुता की अवधारणा को दोबारा हासिल करना सबसे बड़ी चुनौती है। यहां आईएमटी यूनिवर्सिटी में छात्रों से बातचीत करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने भावी भारत के संबंध में अपनी दूरदर्शिता की एक झलक पेश की।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा, हवाई यात्रा, कृषि कुछ प्रमुख क्षेत्र हैं, जिनमें बदलाव लाने के लिए भारत के रहनुमाओं को रणनीति के तौर पर विचार करना होगा।

गांधी ने कहा, “मुझे जब कोई पूछता है कि आपके भारतीय होने का क्या मतलब है तो मैं बताता हूं कि भारत ने मुझे कुछ अलग नजरिया रखने को सिखाया है जो मेरे से बिल्कुल अलग है और जो मुझे पसंद नहीं भी आए, फिर भी मैं उसका सम्मान करता हूं।”

उन्होंने कहा, “सहिष्णुता हमारी संस्कृति में समाहित है, लेकिन पिछले चार-पांच साल से अतिशय असहिष्णुता, गुस्सा और समुदायों के बीच विभाजन जो चल रहा है उसे देखना काफी दुखद है। मेरा मानना है कि यह अगुवाई करने वाले लोगों की मानसिकता की यह उपज है। भारत आमतौर पर सहिष्णु है। हमें वापस उसी ओर जाने की जरूरत है क्योंकि हम उससे ही शक्तिशाली बने हैं।”

राहुल गांधी संयुक्त अरब अमीरात के दो दिवसीय दौरे पर थे। उन्होंने उपहास के लहजे में कहा कि सहिष्णुता का अलग मंत्रालय भी कोई बुरा विचार नहीं है, लेकिन जब तक शीर्ष नेता विविध विचारों को नहीं सुनेंगे तब तक इससे कोई काम नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि ज्यादातर राज्यों में राजनीतिक और आर्थिक एकता है और पूरा सामंजस्य है, यहां तक कि अधिकांश लोग इसकी सराहना नहीं करते हैं।

राहुल गांधी ने कहा, “आपको इसकी शक्ति तब महसूस होती है जब यह नहीं होती है। यही कारण है कि हम बदलाव की लड़ाई लड़ रहे हैं। हमें विभाजित भारत पसंद नहीं है, वह भारत जहां लोगों को पीट-पीटकर जान से मार दे, जहां पत्रकारों को गोली से भून दे। हमें ऐसा भारत नहीं चाहिए।”

उन्होंने कहा, “अगले चुनावों में यही मुख्य चुनौती है और काफी तादाद में लोग जो चल रहा है उससे खुश नहीं हैं।” लोकसभा चुनाव अप्रैल-मई में हो सकता है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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