बजट: सुस्तम है रियल एस्टेकट की रफ्तार, इस बार क्या हैं उम्मीदें?

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जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी कहा था और उसके बाद से ही रियल एस्टेट सेक्टर में काफी बड़ा झटका लिखा और उसके बाद से यह सेक्टर सुस्त पड़ा है ऐसे में मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले बजट से रियल एस्टेट सेक्टर के लोगों को काफी उम्मीद है. वहीं इस आम बजट से रियल एस्टेट काफी उम्मीदें लगाए बैठा है. वही आपको बता दें कि मोदी सरकार का पहला बजट निर्मला सीतारमण द्वारा 5 जुलाई को सदन में पेश किया जाएगा.

आपको बता दें कि रियल एस्टेट सेक्टर लंबे समय से प्रोजेक्ट के लिए सरकार की सिंगल विंडो की मांग कर रहा है इसके अलावा गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी जैसे एनबीएफसी और डेवलपर्स को फंडिंग सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने की भी मांग हो रही है.

आपको बता दें कि इस सेक्टर में काम करने वाले इंडस्ट्री के लोगों को यह उम्मीद है कि इंडस्ट्री को जीएसटी में इनपुट टैक्स क्रेडिट बहाल करने की मांग करी जा रही है. दरअसल इनपुट टैक्स क्रेडिट के लाभों के बिना बिल्डर को लाभ में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली है. वही आपको बता दें कि यह सेक्टर पिछले कुछ लंबे समय से स्टांप शुल्क हटाने की भी मांग कर रहा है.

यही इन सभी के बीच खबर यह है कि वित्त मंत्रालय ने रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया से होम लोन से जुड़ी आंकड़ों की मांग करी है वही इस बात की भी उम्मीद जताई जा रही है कि बजट में होम लोन पर टैक्स की छूट को बढ़ाया जा सकता है जिससे इस सेक्टर में कुछ तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है.

वहीं आपको बता दें कि भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र अर्थव्यवस्था की एक महत्वपूर्ण इकाई और क्षेत्रों में से है 2017 में सकल घरेलू उत्पाद में क्षेत्र का योगदान करीब 6.7 फीसद था जबकि 2025 तक इसके 13 फीसद तक पहुंचने का अनुमान है.

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