RBI बना ट्विटर पर सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाला पहला केंद्रीय बैंक

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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के ट्विटर हैंडल पर रविवार को फॉलोअर्स की संख्या बढ़कर 10 लाख हो गई है, जिससे यह ट्विटर पर सबसे अधिक फॉलोअर्स वाला दुनिया का पहला केंद्रीय बैंक बन गया है। आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने ट्विटर पर लिखा, “आरबीआई ट्विटर अकाउंट पर आज एक मिलियन फॉलोअर्स आ गए हैं, जो एक नया मील का पत्थर है। आरबीआई के मेरे सभी सहयोगियों को बधाई।”

इसके बाद बैंको डे मेक्सिको (बैंक ऑफ मैक्सिको) 774,000 फॉलोअर्स के साथ दूसरे स्थान पर है।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के 677,000 फॉलोअर्स हैं और यूरोपीय सेंट्रल बैंक के 591,000 फॉलोअर्स हैं।

फेडरल रिजर्व मार्च 2009 में ट्विटर अकाउंट बनाया था, जबकि ईसीबी अक्टूबर 2009 से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय है।

भारत का केंद्रीय बैंक 2012 में माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट पर अकाउंट बनाया था।

न्यजू स्त्रोत आईएएनस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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