रविशंकर प्रसाद एनआईसी टेक-कांक्लेव 2020 का उद्घाटन करेंगे

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विधि एवं न्याय, संचार और इलेक्ट्रानिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद दूसरी एनआईसी टेक-कांक्लेव 2020 का उद्घाटन करेंगे। इस दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) मंगलवार को प्रवासी भारतीय केंद्र, चाणक्य पुरी, नई दिल्ली में करेगा। इस अवसर पर इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी, संचार तथा नागरिक संसाधन विकास राज्य मंत्री धोत्रे संजय शामराव, इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी सचिव अजय साहनी और सिसको (भारत और दक्षेस) के अध्यक्ष समीर गर्दे भी उपस्थित रहेंगे। इस वर्ष की थीम ‘टेक्नोलॉजीस फॉर नेक्स्टजेन गवेर्नेस’ है।

एनआईसी सरकार के विभिन्न स्तरों पर सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) के लिए एक प्रमुख संगठन है। इस विषय में एनआईसी डिजिटल इंडिया का महत्वपूर्ण घटक है। सरकार के लिए राष्ट्रीय आईसीटी अवसंरचना स्थापित करने के अलावा एनआईसी ने केंद्र और राज्य सरकारों के विभिन्न क्षेत्रों के लिए समाधान/प्लेटफार्म तैयार और विकसित किर हैं। इसके जरिये सेवाओं में पारदर्शिता, आयोजन और प्रबंधन में इजाफा हुआ है।

देश में सूचना और संचार प्रौद्योगिकीय के परिदृश्य में भारी बदलाव आया है, जिसका कारण नई उभरने वाली प्रौद्योगिकियां और नई दिशाएं देने वाले नवाचार हैं। इस सुविधा से नागरिकों तक पारदर्शी रूप में सूचनाओं को पहुंचाया जाना संभव हुआ है। इन प्रौद्योगिकियों के अपनाने से देश के डिजिटल बदलाव में बहुत मदद मिलेगी।

इस सम्मेलन से देश भर के सरकारी अधिकारियों का क्षमता निर्माण होगा और नागरिक केंद्रित सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने में सुविधा मिलेगी। सम्मेलन में सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग के विशेषज्ञ वक्ताओं के रूप में हिस्सा लेंगे और साइबर सुरक्षा, हाईपरस्केल, डिजाइन थिंकिंग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अपनी विशेषज्ञता साझा करेंगे।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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