रवि प्रदोष विशेष: आज करें शिव के इन 160 नामों का उच्चारण, महादेव देंगे मनचाहा वरदान

0

जयपुर । आज रविवार हैं। तथा आज ही  भोलेनाथ शिव का प्रिय व्रत प्रदोष पड़ रहा हैं। प्रदोष के व्रत का बड़ा ही महत्व मान3ा जाता है । इस दिन लोग भगवान शिव को प्रसन्न करने के 3लिए शिव की पूजा अर्चना करते हैं। तथा व्रत रहते हैं। ऐसा माना जाता है कि  भगवान शिव के शिवलिंग का अभिषेक करने से वे जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं। आज हम आपके लिए इस आर्टिकल में भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए उनके 160 नाम लेकर आए हैं।


भगवान शिव के 160 नाम निम्न प्रकार हैं।

भोलानाथ, नीलकंठ, हर-हर महादेव, शिव, अंगीरागुरु, रुद्र, अभिराम, अभीरु, अभदन, अमृतेश्वर, अमोघ, अरिंदम, अरिष्टनेमि, अर्धेश्वर, अर्धनारीश्वर, अर्हत, अष्टमूर्ति,

अंतक, अंडधर, अंबरीश, अकंप, अक्षतवीर्य, अक्षमाली अघोर, अचलेश्वर, अजातारि, अज्ञेय, अतीन्द्रिय, अत्रि,

अनघ, अनिरुद्ध, अनेकलोचन, अपानिधि, अस्थिमाली, आत्रेय, उमापति, उरगभूषण, ऊर्ध्वरेता, ऋतुध्वज, एकनयन, एकपाद, एकलिंग, एकाक्ष, कपालपाणि, कमंडलुधर, कलाधर,

आशुतोष, इंदुभूषण, इंदुशेखर, इकंग, ईशान, ईश्वर, उन्मत्तवेष, उमाकांत, उमानाथ, उमेश, कल्पवृक्ष, कामरिपु,

कामारि, कामेश्वर, कालकंठ ,कालभैरव, काशीनाथ, कृत्तिवासा, केदारनाथ, कैलाशनाथ, क्रतुध्वसी, क्षमाचार,

गंगाधर, गणनाथ, गणेश्वर, गरलधर, गिरिजापति, गिरीश, गोनर्द, चंद्रेश्वर, चंद्रमौलि, चीरवासा, जगदीश, जटाधर, जटाशंकर, जमदग्नि, ज्योतिर्मय, तरस्वी, तारकेश्वर,

सर्वलोकेश्वर, सर्वेश्वर, सहस्रभुज, साँब, सारंग, सिद्धनाथ, सिद्धीश्वर, सुदर्शन, सुरर्षभ, सुरेश, हरिशर, हिरण्य, हुत सोम, सृत्वा, तीव्रानंद, त्रिचक्षु, त्रिधामा, त्रिपुरारि, त्रियंबक,

त्रिलोकेश, त्र्यंबक, दक्षारि, नंदिकेश्वर, नंदीश्वर, नटराज, नटेश्वर, नागभूषण, निरंजन, नीरज, परमेश्वर, पूर्णेश्वर,

पिनाकपाणि, पिंगलाक्ष, पुरंदर, पशुपतिनाथ, प्रथमेश्वर,प्रभाकर, प्रलयंकर, भोलेनाथ, बैजनाथ, भगाली,
भद्र, भस्मशायी, भालचंद्र, भुवनेश, भूतनाथ, भूतमहेश्वर,

मंगलेश, महाकांत, महाकाल, महादेव, महारुद्र, महार्णव, महालिंग, महेश, महेश्वर, मृत्युंजय, यजंत, योगेश्वर,

लोहिताश्व, विधेश, विश्वनाथ, विश्वेश्वर, विषकंठ, विषपायी, वृषकेतु, वैद्यनाथ, शशांक, शेखर, शशिधर, शारंगपाणि,शिवशंभु, सतीश आदि।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here