गोरखपुर पहुंचे रवि किशन ने एयरपोर्ट पर परखी व्यवस्था

0

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से सांसद व फिल्म अभिनेता रवि किशन लॉकडाउन के बीच गुरुवार को मुंबई से गोरखपुर पहुंचे। एयरपोर्ट पर उतरते ही उन्होंने वहां की व्यवस्था देखी। एयरपोर्ट निदेशक ए.के. द्विवेदी और मुख्य सुरक्षा अधिकारी विजय कौशल से उन्होंने संक्रमण से बचाव के लिए किए गए इंतजाम और यात्रियों की संख्या के बारे में बात की। इसके बाद वह खजनी क्षेत्र के सरया तिवारी में दिवंगत भाजपा नेता उपेंद्र शुक्ल के पैतृक निवास पहुंचकर सांसद/अभिनेता ने पुष्पांजलि अर्पित कर उनके परिजनों को सांत्वना दी।

रवि किशन ने अधिकारियों से कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि महामारी के इस समय में सभी की यात्रा सुरक्षित रहे और किसी को कोई दिक्कत न हो। इसके बाद वह खजनी क्षेत्र के छताई पहुंचे। यहां जिला पंचायत सदस्य विजय कुमार सिंह के निवास स्थान पर उन्होंने श्रमिकों व जरूरतमंदों के बीच राहत सामग्री बांटी।

इस दौरान दो मीटर की सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी कराया गया। लोगों को कोविड-19 के प्रति जागरूक करते हुए सांसद ने भोजपुरी अंदाज में कहा, “सटला त’ गइला बाबू।”

उन्होंने कहा कि इस महामारी का अभी कोई इलाज नहीं मिल पाया है। इसलिए शोसल डिस्टेसिंग बनाकर अपना बचाव करें और काम करें।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleउत्तर प्रदेश सरकार 9 लाख प्रवासियों को रोजगार देगी : अपर मुख्य सचिव
Next articleचीन में पिछले वर्ष हर दिन 10 हजार उद्यमों की वृद्धि हुई : ली खछ्यांग
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here