रणजी ट्रॉफी : पहले दिन राजस्थान की अच्छी बल्लेबाजी

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राजस्थान ने गुरुवार को जयपुर में खेले जा रहे रणजी ट्रॉफी के ग्रुप-सी के पहले मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए जम्मू-कश्मीर के खिलाफ तीन विकेट के नुकसान पर 300 रन बनाए। राजस्थान ने बेहतरीन शुरुआत करते हुए पहले दिन का खेल खत्म होने तक केवल तीन विकेट खोए। सलामी बल्लेबाज चेतन बिष्ट 146 रन और अशोक मनेरिया 45 रन बनाकर नाबाद हैं।

मेहमान टीम के लिए उमर नजीर ने दो विकेट लिए। रांची में खेले जा रहे एक अन्य मुकाबले में झारखंड ने पहले दिन का खेल खत्म होने तक असम के खिलाफ छह विकेट पर 266 रन बना लिए हैं। झारखंड ने कुल 80 ओवर का सामना किया।

मेजबान टीम के लिए नाजिम सिद्दीकी ने सबसे अधिक 72 रन बनाए जबकि उत्कर्ष सिंह 63 रन बनाकर नाबाद है। असम के लिए रंजीत माली ने सबसे अधिक दो विकेट चटकाए।

त्रिपुरा ने अगरतला में सर्विसेज के खिलाफ खेले जा रहे मैच में पहले दिन का खेल समाप्त होने तक सात विकेट के नुकसान पर 268 रन बना लिए हैं।

मेजबान टीम के लिए सबसे अधिक रन कप्तान बिशाल घोष ने बनाए हैं। वह 151 रन बनाकर क्रीज पर टिके हुए हैं। सर्विसेज की ओर से सचिदानंद पांडे ने तीन विकेट लिए।

भुवनेश्वर में खेल जा रहे एक अन्य मुकाबले में ओडिशा ने हरियाणा के खिलाफ मैच में पहले दिन का खेल खत्म होने पर छह विकेट के नुकसान पर 230 रन बनाए।

ओडिशा के लिए सलामी बल्लेबाज अनुराग सारांगी ने दमदार बल्लेबाजी की और 114 रन बनाए। शांतनु मिश्रा 30 रन बनाकर नाबाद हैं।

मेहमान टीम के लिए मोहित शर्मा और हर्षल पटेल ने दो-दो विकेट लिए।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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