रणजी ट्रॉफी : अजय के दोहरे शतक से मजबूत मध्य प्रदेश

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अजय रोहेरा (255) की नाबाद दोहरी शतकीय पारी के दम पर मध्य प्रदेश ने रणजी ट्रॉफी में शुक्रवार को दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक अपनी पहली पारी में चार विकेट के नुकसान पर 539 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर लिया है। होल्कर क्रिकेट स्टेडियम में जारी इस मैच में अजय के अलावा यश दूबे (128) ने भी शतकीय पारी खेली है। दोनों नाबाद हैं।

इसके अलावा, रजत पटिधार (51) ने भी अहम योगदान दिया है। इससे पहले, मध्य प्रदेश ने आवेश खान (7/24) की शानदार गेंदबाजी के दम पर हैदराबाद की पहली पारी 124 रनों पर समेट दी थी।

थंगरासू नटराजन (3/42) और राहिल शाह (3/32) की शानदार गेंदबाजी से तमिलनाडु ने एम.ए चिदंबरम स्टेडियम पर जारी मैच में दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक केरल के नौ विकेट हासिल कर लिए। केरल 151 रनों का स्कोर हासिल कर पाई है और उसके पास एक विकेट ही शेष है।

नटराजन और राहिल के अलावा इस पारी में तमिलनाडु के लिए रविश्रीनिवासन ने दो विकेट अपने नाम किए।

पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन आईएस बिंद्रा स्टेडियम में जारी मैच में पंजाब को हिमाचल प्रदेश के गेंदबाजों के आगे पस्त देखा गया। इस कारण वह दिन का खेल समाप्त होने तक अपनी पहली पारी में नौ विकेट के नुकसान पर केवल 75 रनों का स्कोर ही खड़ा कर पाई है।

मयंक डागर (4/22) और अर्पित गुलेरिया (2/16) की गेंदबाजी से टीम पंजाब की पारी को इस प्रकार रोक पाने में सक्षम हुई है।

अपने पेशेवर क्रिकेट करियर का आखिरी मैच खेल रहे गौतम गंभीर (नाबाद 91) किसी तरह ध्रुव शौरे (नाबाद 39) के साथ दिल्ली की पारी को संभाले हुए हैं।

दिल्ली ने फिरोज शाह कोटला मैदान पर जारी मैच में आंध्र प्रदेश के खिलाफ अपनी पहली पारी में दिन का खेल समाप्त होने तक एक विकेट गंवाते हुए 190 रनों का स्कोर खड़ा कर लिया है। इस पारी में हितेन दलाला ने भी 58 रनों का अहम योगदान दिया।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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