भगवान राम का जन्म शुक्ल पक्ष की नवमी को हुआ था, जानिए विवाह की तिथि

0

अयोध्या में रामलला के के भव्य मंदिर की आधारशिला आज यानी 5 अगस्त को रखी जा रही हैं प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत और राम मंदिर भूमि पूजन के लिए अयोध्या पूरी तरह से सज चुकी हैं और पूरे अयोध्या का माहौल भक्तियम हो गया हैं अयोध्या में भजन कीर्तन जारी है और संतों का डेरा भी लग चुका हैं इस शुभ अवसर पर आज हम आपको बताने जा रहे हैं भगवान श्रीराम के जन्म, राज्याभिषेक से लेकर विवाह की शुभ तिथि के बारे में, तो आइए जानते हैं।

ज्योतिष के मुताबिक भगवान श्रीराम का जन्म चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को अभिजीत मुहूर्त में हुआ था। चैत्र नवरात्र की इस अंतिम तिकि को रामनवमी के रूप में मनाया जाता है वही भगवान राम का राज्याभिषेक विजय मुहूर्त में विजयदशमी पर हुआ था। भगवान श्रीराम और माता सीता का शुभ विवाह मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को हुआ था। इसे हिंदू धर्म शास्त्रों में विवाह पंचमी भी कहा जाता हैं। प्रभु राम का जन्म अभिजीत मुहूर्त में हुआ था। इसलिए राममंदिर का भूमि पूजन भी अभिजीत मुहूर्त में सर्वार्थ सिद्धि योग में किया जा रहा हैं वही अभिजीत मुहूर्त प्रत्येक दिन मध्यान्ह से करीब 24 मिनट पहले प्रारम्भ होकर मध्यान्ह के 24 मिनट बाद समाप्त हो जाता हैं अभिजीत मुहूर्त का वास्तविक समय सूर्योदय के मुताबिक परिवर्तित होता रहता हैं इस मुहूर्त में किए जाने वाले सभी कार्य सफल होते हैं और मनुष्य को विजय प्राप्त होती हैं। इस मुहूर्त को आठवां मुहूर्त भी कहा जाता हैं यह बहुत ही शुभ मुहूर्त होता हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here