राकेश भारती मित्तल ने मंत्री को दूरसंचार क्षेत्र की परेशानियों से अवगत कराया

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दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद के साथ मंच साझा करते हुए भारती एंटरप्राइजेज के उपाध्यक्ष राकेश भारती मित्तल ने सोमवार को दूरसंचार क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने वाले मुद्दों को रेखांकित किया। इस दौरान मित्तल ने कहा कि उच्च पूंजी व्यय और राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) से संबंधित मुद्दों ने दूरसंचार क्षेत्र के लिए बाधाएं पैदा की हैं।

मित्तल इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2019 (आईएमसी) के उद्घाटन सत्र में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि संकट के बावजूद बाजार तीन कंपनियों के साथ बहुत टिकाऊं है, जिनके पास समान बाजार हिस्सेदारी है।

उन्होंने कहा कि भारत में दूरसंचार ऑपरेटरों द्वारा वार्षिक पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) कंपनी के राजस्व वैश्विक औसत 20 फीसदी की तुलना में लगभग 34 फीसदी है।

भारती एंटरप्राइजेज, प्रमुख टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल की मातृ कंपनी है।

मित्तल ने कहा, “भारत में लगभग 34 फीसदी (टेलीकॉम पर) खर्च किया जाता है। एयरटेल ने पिछले साल अपने राजस्व का 40 फीसदी खर्च किया था।”

इस अवसर पर उन्होंने स्पेक्ट्रम की कीमतों के बारे में भी टिप्पणी करते हुए कहा कि भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) द्वारा स्पेक्ट्रम की मौजूदा आधार कीमतें वैश्विक कीमतों से काफी अधिक हैं।

मित्तल ने सरकार से बेहतर विनियामक वातावरण बनाने और व्यापार करने में और अधिक आसानी प्रदान करने का भी आग्रह किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि उद्योगपतियों की भी जिम्मेदारियां हैं और उन्हें अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकी के लिए प्रतिबद्ध रहते हुए निवेश करना चाहिए। मित्तल ने कहा कि उन्हें कैपेक्स में कमी की दिशा में भी काम करना चाहिए।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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