यूपी में राज्यसभा का वो गणित जिसके वजह से सपा-बसपा उपचुनाव के लिए साथ आए

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उत्तर प्रदेश में गोरखपूर और फूलपूर लोकसभा सीट पर होने जा रहे लोकसभा उपचुनाव के लिए बसपा ने सपा का समर्थन करने का फैसला कर लिया है। कम से कम 23 साल के बाद ऐसा मौका आया है जब सपा को बसपा ने समर्थन दिया है। लेकिन इसके बदले में बसपा ने सपा का समर्थन भी मांगा है, राज्यसभा चुनाव के लिए।

यूपी में राज्यसभा चुनावों के लिए 10 खाली सीटों के लिए मतदान होगा। 8 सीटें भाजपा के खाते में कंफर्म जाएगी और बाकी की दो में से 1 सीट सपा के पास जाएगी। 1 सीट के लिए ही बसपा ने सपा का साथ मांगा है, क्योंकि बसपा अपनी हैसियत से राज्यसभा में अपनी पार्टी का उम्मीदवार नहीं भेज पाएगी।

क्या है राज्यसभा का गणित?

यूपी में विधानसभा की 403 सीटें हैं। यहां भाजपा बहुमत में है। राज्यसभा चुनाव में यूपी के लिए खाली 10 सीटों पर चुनाव होना है। राज्यसभा चुनाव का फार्मूला होता है, खाली सीटों में 1 जोड़कर 403 से भाग दे देना। इससे जो भी रिज़ल्ट आएगा, उसमें भी 1 जोड़ा जाता है। जैसे यूपी में अभी 10 सीट खाली हैं। इसमें 1 जोड़ दिया जाए तो हो जाते हैं 11। अब इस 403 को 11 से भाग दिया जाए तो आएगा, 36.63। इसमें 1 जोड़ने पर आएगा 37.63। इसका आगे की संख्या ली जाएगी, यानि कि 37। मतलब कि 1 राज्यसभा सीट के लिए 37 विधायक चाहिये।

इससे साफ होता है कि भाजपा 8 राज्यसभा सीट तो ले जाएगी। अब बची 2। सपा के पास 47 विधायक हैं। 37 विधायकों से सपा के पास 1 राज्यसभा सीट तो आ ही जाएगी। इससे बचेगी 1 राज्यसभा सीट। जिसके लिए मायावती को सपा से सहयोग की उम्मीद है। पर इसके लिए कांग्रेस का भी साथ मायावती को चाहिये होगा। बसपा के पास 19 विधायक हैं। अगर उसे राज्यसभा में सांसद भेजना है तो से 18 विधायक और चाहिये जो उसे कांग्रेस और सपा दे सकते हैं। खबरों की मानें तो मायावती ही राज्यसभा की उम्मीदवार होंगी।

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