रेलवे को जंग रोधी स्टेनलेस स्टील अपनाना होगा : आईएसएसडीए

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रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्च र का गिरना महत्वपूर्ण बाधाओं और आर्थिक नुकसान का कारण बन रहा है। मुंबई के एल्फिंस्टन रोड स्थित रेलवे ब्रिज पर हुई भगदड़ में हुई 23 मौतों के दुखद हादसे के महज 9 महीने बाद, अंधेरी स्टेशन पर हुई फुटओवर ब्रिज के गिरने की घटना से बचा जा सकता था। अगर सरकार लंबे समय वाली सामाजिक आधारभूत संरचनाओं जैसे फुटओवर ब्रिज और ओवरब्रिजों में स्टेनलेस स्टील का इस्तेमाल करे, तो ऐसे हादसों को रोका जा सकता है। देश की शीर्ष स्टेनलेस स्टील संस्था इंडियन स्टेनलेस स्टील डेवलपमेंट एसोसिएशन (आईएसएसडीए) ने जानमाल के नुकसान को कम करने के लिए पुलों, रेलवे लाइनों जैसी सामाजिक आधारभूत संरचनाओं के लिए स्टेनलेस स्टील के उपयोग के महत्व को दोहराया है।

आईएसएसडीए के प्रेसिडेंट केके पाहुजा ने कहा, “भारतभर में 1,20,000 रेलवे पुल में से 50 फीसदी 100 साल से अधिक पुराने हैं। इस तरह के हादसों में हताहत होने वाले लोगों की तादाद कम करने के लिए सबसे अच्छे मैटेरियल के स्टेनलेस स्टील का इस्तेमाल करना आज के समय की आवश्यकता है। इसके अलावा, कार्बन स्टील की तुलना में स्टेनलेस स्टील का जीवन दोगुना अधिक है।”

पाहुजा ने कहा कि इस तरह स्टेनलेस स्टील के जीवन चक्र के मद्देनजर कुल लागत काफी कम है। भारत के पास एक बड़ी तटीय रेखा है और इस तटीय रेखा से सटे शहरों के स्ट्रक्च र जंग की परेशानी का सामना कर रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप न केवल लगातार इसके रखरखाव और रिप्लेसमेंट के कारण नुकसान होता है, बल्कि दैनिक सार्वजनिक जीवन में भी व्यवधान होता है।

उन्होंने कहा कि संरचनागत तत्वों में स्टेनलेस स्टील मुंबई जैसे तटीय क्षेत्रों में महत्वपूर्ण है जहां संक्षारण का खतरा बहुत अधिक होता है। आज स्टेनलेस स्टील के उत्पाद जैसे एंगल्स, सेक्शन, नट एवं बोल्ट, एंकर्स, रेनफोर्समेंट बार्स आसानी से उपलब्ध हैं और क्षरण वाले परिवेशों में लंबे जीवन की जरूरत वाले ऐप्लीकेशन के लिए उपयुक्त हैं।

स्टेनलेस स्टील अपनी अंदरूनी खूबियों जैसे मजबूती, टूट-फूट के प्रति प्रतिरोध व वेल्डेबिलिटी और संक्षारण के खिलाफ एक बहुत अच्छे प्रतिरोध के लिए जाना जाता है। इसके उपयोग से स्ट्रक्च र का वजन काफी कम हो जाता है, जिससे सब-स्ट्रक्च र और नींव की लागत कम होती है और जीवन चक्र की कुल लागत कम होती है। भारतीय रेलवे में इसकी शुरुआत स्टील पुलों के डिजाइन, निर्माण और रखरखाव की वर्तमान तकनीक के अपग्रेडेशन के लिए एक बहुत अच्छा निर्णय होगा। इसके अलावा, स्टेनलेस स्टील पूरी तरह से रिसाइकल होने योग्य है और इस तरह यह पर्यावरण के अनुकूल है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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