रायडू, खलील सीरीज की सबसे बड़ी खोज : कोहली, शास्त्री

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भारत के कप्तान विराट कोहली और मुख्य कोच रवि शास्त्री ने गुरुवार को कहा कि अंबाती रायडू नंबर चार पर एक बल्लेबाज के रूप में और खलील अहमद एक तेज गेंदबाज के रूप में वेस्टइंडीज के खिलाफ समाप्त हुई वनडे सीरीज की सबसे बड़ी खोज हैं। कोहली ने यहां एकदिवसीय मैच के बाद कहा, “मैं दो क्षेत्रों के बारे में सोच सकता हूं। तीसरे सीमर के रूप में खलील ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। भगवान न करे, अगर भुवी या बुमराह को कुछ होता है तो खलील का टीम में होना अच्छा है। वो विकेट ले सकते हैं। रायडू ने भी नंबर चार पर जिम्मेदारी के साथ खेला है। दो क्षेत्रों पर हमारी नजर थी (सीरीज से पहले) और हमें दो विकल्प मिले हैं।”

शास्त्री ने भी कप्तान की बात को ही दोहराया।

शास्त्री ने कहा, “मैं रायडू से बहुत खुश हूं। टीम में कुछ साल बाद वापसी करना आसान नहीं होता। आप खुद को व्यक्त कर सकते हैं लेकिन फिर भी आप आपने कदम पीछे खींच कर रखते हैं क्योंकि कुछ खराब प्रदर्शन से आप टीम में अपनी जगह खो सकते हैं। उन्होंने दबाव को अच्छे से झेला और आखिरी मैच में बेहतरीन प्रदर्शन किया।”

उन्होंने तेज गेंदबाज खलील की भी तारीफ की।

शास्त्री ने कहा, “बाएं हाथ के गेंदबाज उपयोगी साबित हो सकते हैं। खलील युवा हैं, उनके पास अनुभव की कमी है लेकिन उनके पास विविधता है और आक्रामकता है। वह अपनी रफ्तार बढ़ा लें तो फिर बहुत प्रभावशाली साबित होंगे।”

दोनो टीमों के बीच तीन मैचों की टी-20 सीरीज का आगाज रविवार को होगा।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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