राहुल शेख-चिल्ली की तरह सपने देखना बंद करें : अमित शाह

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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मंगलवार को ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के शिवपुरी में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर न केवल तंज कसे, बल्कि उपहास भी उड़ाया और कहा कि राहुल शेख-चिल्ली की तरह सपने देखना बंद करें। स्थानीय पोलो ग्राउंड में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, “राहुल गांधी राजस्थान और मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने का सपना देख रहे हैं, जबकि यहां भाजपा का पैर अंगद की तरह जमा हुआ है, इसे कोई उखाड़ नहीं सकता, राहुल गांधी को शेख-चिल्ली की तरह सपने देखना बंद कर जमीनी हकीकत से वाकिफ होना चाहिए।”

शाह ने कार्यकर्ताओं से कहा कि सभी कार्यकर्ता 2018 के विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत से जुट जाएं, यह चुनाव जीत लिया तो 2019 का चुनाव भाजपा आसानी से जीत जाएगी।

भाजपा प्रमुख ने पिछले चुनाव के बाद के हालात का जिक्र करते हुए कहा कि 2014 के बाद पूरे देश में भाजपा अपना परचम पध््राानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लहरा रही है। 2014 के बाद 19 राज्यों में भाजपा की सरकार बनी है और आने वाले समय में दूरबीन लेकर भारत के नक्शे पर देखने निकलेंगे तो कांग्रेस कहीं पर भी नजर नहीं आएगी।

शाह ने घुसपैठियों का मसले की बात करते हुए कहा, “देश में जो घुसपैठिए आ गए हैं, उनको बाहर निकालना हमारी सरकार का लक्ष्य है और अभी तक ऐसे 40 लाख लोग चिह्न्ति हुए हैं। ऐसे घुसपैठिए हमारे देश के लोगों के हकों पर डाका डाल रहे हैं, इन्हें देश से बाहर निकाला जाएगा।”

भाजपा प्रमुख ने कांग्रेस की दिग्विजय सिह सरकार के कार्यकाल को याद कराते हुए कहा कि वर्ष 2003 तक 10 साल तक कांग्रेस ने राज कर राज्य का बंटाढार कर दिया। लोगों को बिजली नहीं मिलती थी, सड़कों की हालत खराब थी। रोजगार मिलता नहीं था, लेकिन भाजपा की सरकार आने के बाद यह प्रदेश विकास के पथ पर निरंतर प्रगति कर रहा है।

कर्यकर्ताओं के संभागीय सम्मेलन में मुख्यमंत्री शिवराज सिह चौहान, केंद्रीय पंचायत एवं विकास मंत्री नरेंद्र सिह तोमर, पार्टी के संगठन महामंत्री रामलाल, प्रदेश के चुनाव प्रभारी बनाए गए केंद्रीय मंत्री धर्मेद्र प्राान, संगठन के प्रदेश प्रभारी विनय सहस्रबुद्धे, पार्टी के सांसद प्रभात झा, खेल मंत्री यशोधरा राजे सिािया सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी और मंत्री मौजूद थे।

भाजपा के मीडिया प्रमुख लोकेंद्र पाराशर के अनुसार, शाह विमान से ग्वालियर पहुंचे, जहां प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर सहित अन्य नेताओं ने अगवानी की। शाह यहां से शिवपुरी के लिए हेलीकॉप्टर से रवाना हुए। उन्होंने शिवपुरी के तात्याटोपे स्मारक पहुंचकर माल्यार्पण करने के बाद ग्वालियर एवं चंबल संभाग के कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित किया।

तय कार्यक्रम के अनुसार, शाह शिवपुरी से गुना पहुंचकर रोड शो करेंगे। गुना से ग्वालियर आकर फूलबाग स्थित रानी लक्ष्मीबाई की समाधि और विजयाराजे सिधिया की छत्री पर पुष्पांजलि अíपत करेंगे और युवा सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। उसके बाद दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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