राहुल गांधी बोले, मोदी ‘एक उद्योगपति’ के चौकीदार

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर यह कहकर हमला किया कि ‘वह खुद को चौकीदार बताते हैं, लेकिन उन्होंने यह कभी नहीं बताया कि वह किसकी चौकीदारी कर रहे हैं।’ राहुल ने राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के ससुराल धौलपुर के मनिया गांव में एक जनसभा को संबोधित करते हुए आरोप लगाया, “अब यह स्पष्ट है कि वह एक उद्योगपति के चौकीदार हैं। मोदी उसे राफेल लड़ाकू विमान सौदा करने के लिए अपने साथ फ्रांस ले गए और उसकी जेब में उन्होंने 45,000 करोड़ रुपये डाल दिए।”

कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र और राजस्थान की सरकारों की तरफ से पिछले साढ़े चार वर्षो में गरीबों, छोटे व्यापारियों और किसानों के कल्याण के लिए की गई पहलों पर भी सवाल किया।

राहुल गांधी ने कहा, “कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार ने सूचना का अधिकार कानून बनाया, किसानों का 70,000 करोड़ रुपये कर्ज माफ किया, स्कूली बच्चों के लिए मध्याह्न् भोजन और बेरोजगार गरीबों के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) पेश किया। राजस्थान के तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गरीबों को मुफ्त दवा देने की योजना पेश की। इन्होंने ने क्या किया?”

कांग्रेस प्रमुख आगे बोले, “आज मैं मोदीजी और वसुंधराजी से पूछना चाहता हूं कि आपने गरीबों, किसानों और छोटे व्यापारियों के लिए पिछले साढ़े चार सालों में क्या किया।”

राहुल ने आरोप लगाया कि मौजूदा समय में बैंकों के दरवाजे किसानों के लिए बंद हैं, लेकिन देश के अरबपतियों के करोड़ों रुपये के कर्ज माफ किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा, “चंद धनी अरबपतियों के 3.5 लाख करोड़ रुपये के कर्ज माफ कर दिए गए। इनमें विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी शामिल हैं। मोदीजी नीरव मोदी जैसे लोगों को पैसे देते हैं।”

कांग्रेस अध्यक्ष ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ नारे पर भी भाजपा की चुटकी ली। कठुआ व उन्नाव की घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस नारे को बदलकर ‘बेटी पढ़ाओ और भाजपा विधायक से बेटी बचाओ’ कर देना चाहिए।

राहुल गांधी ने कहा, “उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुष्कर्म के एक आरोपी विधायक कुलदीप सेंगर को बचाने की पूरी कोशिश की। यहां तक कि प्रधानमंत्री ने भी चुप्पी साध ली और उन्होंने विधायक को अपनी पार्टी से निकालने की हिम्मत तक नहीं दिखाई।”

गुजरात में उत्तर भारतीयों पर हो रहे हमलों पर उन्होंने कहा, “भाजपा-आरएसएस को समझना चाहिए कि राष्ट्र को बांटने से किसी को लाभ नहीं हुआ है। हिंदुस्तान आगे बढ़ना चाहता है, लेकिन नफरत के साथ नहीं, प्यार और सद्भाव के साथ।”

राहुल ने बेरोजगारी का मुद्दा भी उठाया और उपस्थित जनसमूह को मोदी के उन वादों की याद दिलाई, जिसमें उन्होंने कहा था कि हर साल दो करोड़ लोगों को रोजगार मिलेगा।

उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद बनने वाली नई सरकार जनता के मन की बात सुनेगी, जबकि मौजूदा सरकार सिर्फ अपने मन की बात करती है और वह भी अपने तरीके से।

राहुल गांधी ने कहा, “नई सरकार कांग्रेस के कार्यकर्ताओं, गरीबों, किसानों की होगी। मुख्यमंत्री और मंत्रियों के दरवाजे जनता के लिए हमेशा खुले रहेंगे।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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