राहुल गांधी, सोनिया गांधी ने शेषन के निधन पर दुख जताया

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कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टी.एन. शेषन के निधन पर सोमवार को शोक व्यक्त करते हुए चुनाव आयोग को सशक्त करने में उनकी भूमिका को याद किया। सोनिया गांधी ने कहा, “कैबिनेट सचिव के पद तक पहुंचकर देश सेवा करने वाले अनुभवी सिविल सेवक शेषन भारतीय निर्वाचन आयोग को मजबूती देने और अब तक हुए कई चुनाव सुधारों के लिए मार्गदर्शन करने के कारण हमेशा याद किए जाएंगे।”

वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने भी ट्विटर पर शेषन को याद करते हुए उन्हें मुख्य निर्वाचन आयुक्त के तौर पर निष्पक्ष, बहादुर और निडर बताया।

उन्होंने ट्वीट किया, “आज के विपरीत, एक समय था जब हमारे चुनाव आयुक्त निष्पक्ष, बहादुर, सम्मानित और निडर होते थे। शेषन उनमें से एक थे। उनके निधन पर उनके परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं।”

भारतीय चुनावों में पारदर्शिता लाने के लिए कठोर चुनावी नियम को सख्ती से लागू करने वाले शेषन का रविवार को चेन्नई स्थित उनके आवास पर निधन हो गया था। पारिवारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। वे 86 वर्ष के थे।

कैबिनेट सचिव तक बनने वाला भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी शेषन सेवानिवृत्त होने के बाद भारत के 10वें मुख्य चुनाव आयुक्त बने थे। उन्होंने इस पद पर 12 दिसंबर 1990 से 11 दिसंबर 1996 तक अपनी सेवाएं दी थीं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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