पिछले साल के मुकाबले 8 फीसदी घटा रबी फसलों का रकबा

0
65

रबी फसलों की बुवाई का रकबा पिछले साल के मुकाबले इस साल अब तक आठ फीसदी कम है। खासतौर से मोटे अनाज की खेती में इस साल किसानों ने कम दिलचस्पी दिखाई है, इसलिए पिछले साल के मुकाबले मोटे अनाज का रकबा 27 फीसदी घटा हुआ है। वहीं, चना का रकबा पिछले साल के मुकाबले 15 फीसदी से अधिक घट गया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तहत कृषि, सहकारिता, एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से शुक्रवार को जारी फसल वर्ष 2018-19 (जुलाई-जून) की रबी सीजन की फसलों के साप्ताहिक बुवाई के आंकड़ों के अनुसार, अब तक 354.98 लाख हेक्टेयर में रबी फसलों की बुवाई हो चुकी है, जोकि पिछले साल के मुकाबले 8.31 फीसदी कम है। पिछले साल अब तक 387.14 लाख हेक्टेयर में रबी फसलों की बुवाई हो चुकी थी।

गेहूं की बुवाई अब तक 152.97 लाख हेक्टेयर में हुई है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 156.76 लाख हेक्टेयर से 2.42 फीसदी कम है।

दलहनों की बुवाई 101.91 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जबकि पिछले की समान अवधि में 116.33 लाख हेक्टेयर में रबी दलहनों की बुवाई हो चुकी थी। इस प्रकार, दलहनों का रकबा पिछले साल के मुकाबले 12.34 फीसदी घट गया है।

प्रमुख रबी दलहन चना का रकबा पिछले साल की समान अवधि से 15.13 फीसदी घटकर 70.46 लाख हेक्टयर रह गई है। वहीं, मसूर की बुवाई 12.68 लाख हेक्टेयर में हुई है जो पिछले साल के समान अवधि के 13.61 लाख हेक्टेयर से 6.81 फीसदी कम है।

मोटे अनाज का रकबा पिछले साल के मुकाबले 27.08 फीसदी कम है। अब तक 29.64 लाख हेक्टेयर में मोटे अनाजों की बुवाई हुई है।

हालांकि तिलहनों का रकबा पिछले साल के लगभग बराबर है। अब तक 63.14 लाख हेक्टेयर में तिलहनों की बुवाई हुई है। प्रमुख तिलहन फसल सरसों और तोरिया की बुवाई 57.89 लाख हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में सरसों व तोरिया का रकबा 62.90 लाख हेक्टेयर था। सरसों और तोरिया का रकबा पिछले साल के मुकाबले 4.29 फीसदी बढ़ा हुआ है।

मूंगफली की बुवाई 1.95 लाख हेक्टेयर में हुई है जो पिछले साल के मुकाबले 31.04 फीसदी कम है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleअगले साल भारत की सड़कों पर धूल उड़ाएंगी ये शानदार मोटरसाइकिलें
Next articleराष्ट्रपति ट्रंप जी20 सम्मेलन में सऊदी क्राउन प्रिंस से मिले
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here