जीवन की सीख: अपनी बुरी आदतें छोड़ दें, नहीं तो जीवन भर पड़ सकता है पछताना

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हर व्यक्ति के अंदर कुछ न कुछ गलत आदतें होती ही हैं जिनसे उन्हें नुकसान तो पहुंचता ही हैं, साथ ही साथ आसपास का वातावरण भी इससे प्रभावित होता हैं, इसलिए हमें अपनी बुरी आदतों को छोड़ देना चाहिए। वरना आगे जीवन में बहुत ही पछताना पड़ सकता हैं ऐसी ही एक पौराणिक कथा प्रचलित हैं जहां पर पिता अपने बेठे की बुरी आदतों से बड़ा परेशान हैं। तो आज हम आपको उस कथा के बारे में बताने जा रहे हैं, तो आइए जानते हैं।

बता दें कि कथा के मुताबिक एक पिता अपने छोटे बेटे की बुरी आदतों से बहुत परेशान था। वह कई बार अपने बेटे को समझा चुका था। मगर बच्चा हर बार यही कहता था कि वह जब बड़ा होगा तब सभी बुरी आदतें छोड़ देगा। कुछ दिनों बाद गांव में एक संत आए संत बहुत ही सरल स्वभाव और विद्वान थे।

वही संत से जो भी मिलने आता था वह उसने सरलता से मिल लेते थे और उनकी समस्याओं का निराकरण करते थे जब पिता को संत के बारे में पता चला तो वह भी उनसे मिला और अपने बेटे की समस्या कही। संत ने पिता से कहा कि कल तुम अपने बेटे को मेरे पास बगीचे में भेज देना। अगले ही दिन पिता ने अपने बेटे को संत के पास भेज दिया। बच्चे ने संत को प्रणाम किया दोनो बाग में टहलने लगे। वही कुछ ही देर बाद संत ने बच्चे को एक छोटा सा पौधा दिखाया और पूछा क क्या तुम इसे उखाड़ सकते हो। बच्चे ने उत्तर दिया ये कौन सा बड़ा काम हैं, मैं इसे अभी उखाड़ देता हूं और बच्चे ने पौधा उखाड़ दिया।

वही कुछ देर बाद संत ने बच्चे को थोड़ा बड़ा पौधा दिखाया और उसे उखाड़ने के लिए बोला, बच्चा खुश हो गया, उसे ये सब एक खेल की तरह लग रहा था। बच्चे ने पौधे को उखाड़ना शुरू कर दिया तो उसे थोड़ी जयादा ताकत लगानी पड़ी । मगर उसने पौधा उखाड़ दियां इसके बाद संत ने बच्चे को एक पेड़ दिखाया और कहा कि उसे उखाड़ दो। बच्चे ने पेड़ का तना पकड़ा मगर वह उसे हिला भी नहीं सका। बच्चे ने कहा कि इस पेड़ को उखाड़ना असंभव हैं, संत ने बच्चे से कहा कि ठीक इसी तरह बुरी आदतों को जितनी जल्दी छोड़ देंगे, उतना अच्छा रहेगा। जब बुरी आदतें नई होती हैं तो उन्हें छोड़ना सरल होता हैं।

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