निजी क्षेत्र से संयुक्त सचिव के चयन को लेकर यूपीएससी पर उठे सवाल

0
882

सरकार में शीर्ष पदों पर पहली बार सीधी भर्ती से चिंता पैदा हो गई क्योंकि संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा कुछ उम्मीदवारों के चयन को लेकर सवाल उठने लगी है।

सुजीत कुमार बाजपेयी को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में संयुक्त सचिव नियुक्त किए जाने को लेकर विवाद पैदा हो गया है क्योंकि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनएचपीसी में बतौर वरिष्ठ प्रबंधक के तौर पर वह सरकार में निर्णय लेने वाले प्रमुख पद के लिए काफी जूनियर हैं। बाजपेयी चर्चित अभिनेता मनोज बाजपेयी के छोटे भाई हैं।

कंसल्टेंसी फर्म केपीएमजी के साझेदार अंबर दुबे का चयन नागरिक उड्डयन मंत्रालय में संयुक्त सचिव के तौर पर किया गया है। उनकी नियुक्ति पर हितों के टकराव को लेकर भी सवाल उठने लगा है क्योंकि वह हवाई अड्डे से जुड़ी प्रमुख कंपनी जीएमआर इन्फ्रास्ट्रक्चर व विमान सेवा कंपनी विस्तारा समेत उड्डयन क्षेत्र की कई निजी कंपनियों को सलाह देते रहे हैं।

कुछ वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों ने आईएएनएस को बताया कि क्षेत्रों के विशेषज्ञों को संयुक्त सचिव के रूप में भर्ती करने के कदम का स्वागत है, लेकिन उन्होंने पीएसयू के कनिष्ठ अधिकारी बाजपेयी की नियुक्ति पर हैरानी जताई।

सचिव स्तर के एक अधिकारी ने कहा, “बाजपेयी के बायोडाटा के अनुसार उन्होंने 2001 में एनएचपीसी ज्वाइन किया था। देखा गया है कि अगर सभी ग्रुप-ए अधिकारी जिन्होंने उसी साल यूपीएससी के जरिए अखिल भारतीय सेवा में प्रवेश किया है वे संयुक्त सचिव बन गए हैं। क्या वह एक विशेष पेशेवर हैं और प्रोन्नति दी गई है? अगर नहीं तो यह और भी चिंता का विषय है।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleफुटबाल : चेन्नइयन एफसी को हरा गोवा बना सुपर कप विजेता
Next articleकानून के मुताबिक हुआ अनिल अंबानी की कंपनी के कर मसले का समाधान : फ्रांस
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here