चिकित्सा सामग्री भेजने के लिए कतर एयरवेज ने चीन के लिए ‘ग्रीन चैनल’ खोला

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कतर एयरवेज ने पांच बड़े कार्गो विमानों से चीन के पेइचिंग, शांगहाई और क्वांगचो के लिए आपातकालीन चिकित्सा सामग्री भेजी है। इनमें न केवल कतर एयरवेज द्वारा चीन को दान किए गए मास्क और हैंड सैनीटाइजर शामिल हैं, बल्कि विदेशों में स्थित चीनी दूतावासों और मिशनों द्वारा एकत्र सामग्री भी है। नए कोरोना वायरस निमोनिया महामारी के प्रकोप के बाद कतर एयरवेज ने चीन के दुनिया भर में स्थित दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों के लिए ‘ग्रीन चैनल’ खोला है और उनकी एकत्र महामारी रोधी सामग्री मुफ्त में चीन भेजता है।

कतर एयरवेज के सीईओ अकबर एल बकर ने महामारी से लड़ने के लिए चीन के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि चीन ने महामारी के बारे में खुले और पारदर्शी तरीके से जानकारी शेयर की है और सभी देशों व अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ सहयोग किया है।

कतर में स्थित चीनी राजदूत चो च्यैन ने कतर एयरवेज द्वारा चीन को दी गई सहायता का आभार जताया। उन्होंने कहा कि कतर ने चीन को मजबूत समर्थन दिया है, जो चीन और कतर की सरकारों और लोगों के बीच मित्रता दर्शाता है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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