पंजाब को लॉकडाउन के कारण जीडीपी का 1200-1700 करोड़ रुपये का नुकसान : टास्क फोर्स

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कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए पंजाब में एक महीने से अधिक समय से लागू कर्फ्यू के कारण राज्य में आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह ठप हैं, और इसके कारण राज्य को लॉकडाउन के प्रथम दिन से ही प्रतिदिन जीडीपी के लगभग 1200-1700 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

यह बात राज्य टास्क फोर्स की रपट में कही गई है। ‘एक्जिट स्ट्रैटजी फॉर कोविड-19 लॉकडाउन रेस्ट्रिक्शंस’ नामक रिपोर्ट में कहा गया है कि जीडीपी में प्रमुख योगदान करने वाले विनिर्माण, कृषि, निवेश और व्यापार पर न सिर्फ लॉकडाउन की अवधि के दौरान विपरीत असर होने की आशंका है, बल्कि आने वाले महीनों में भी।

राज्य में सबसे बड़ा नियोक्ता सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) सेक्क्टर बुरी तरह इससे प्रभावित हो सकता है।

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने अनपेक्षित लॉकडाउन से राज्य के धीरे-धीरे बाहर निकलने के तरीके तलाशने के लिए इस टास्क फोर्स का गठन किया है।

भारत का अनाज का कटोरा कहा जाने वाला पंजाब केंद्रीय खरीददारी पूल में सबसे ज्यादा का योगदान करता है।

रिपोर्ट में आगाह किया गया है, “यह अवधि (अप्रैल-मई) बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह रबी की फसल को काटने और खरीफ की फसल को बोने का समय है। यदि कर्फ्यू में ढील नहीं दी गई तो यह न सिर्फ राज्य की खाद्य सुरक्षा के लिए बड़ा झटका होगा, बल्कि पूरे देश के लिए भी।”

इसके अलावा पंजाब की अर्थव्यवस्था लगभग 40 सालों के अंतराल बाद संभावित संकुचन की स्थिति में है।

राज्य की राजकोषीय स्थिति गंभीर रूप से गड़बड़ा सकती है, क्योंकि आर्थिक गतिविधि के बंद होने के कारण कर और गैर कर राजस्व की धाराए सूख चुकी हैं।

रपट में कहा गया है कि स्वास्थ्य और सामाजिक सेक्टर की जरूरतें पूरी करने के लिए पर्याप्त फंड के प्रावधान से बचा नहीं जा सकता।

टास्क फोर्स ने भावी कार्ययोजना तय करने में राज्य को अधिक स्वायत्तता की उम्मीद की है, और केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से जारी संशोधित दिशानिर्देश में संशोधनों की सिफारिश की है, ताकि तीन मई के बाद लॉकडाउन बढ़ने की स्थिति में श्रम बाजार को फिर से चालू किया जा सके और ठहर सी गई औद्योगिक अर्थव्यवस्था को गति दिया जा सके।

रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि लॉकडाउन से बाहर निकलने की रणनीति को स्वास्थ्य और गैर स्वास्यि संबंधित उद्देश्यों में विभाजित किया जा सकता है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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