Pune : परीक्षा में ‘जिहाद’ पर पूछे गए सवाल, विवि ने माफी मांगी

0

सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय (एसपीपीयू) के अधिकारियों ने बीकॉम परीक्षा के ऑनलाइन प्रश्नपत्रों में ‘जिहाद’ आतंकवाद से संबंधित एक विचित्र एवं विवादास्पद सवाल पूछे जाने पर माफी मांगी है। रक्षा बजट से संबंधित विश्वविद्यालय की ऑनलाइन परीक्षा में एक बहु-वैकल्पिक प्रश्न पूछा गया था। सवाल में ‘जिहादी आतंकवाद के प्रमुख कारणों’ के बारे में पूछा गया था, जिसके बहु-वैकल्पिक उत्तरों में ‘वैश्वीकरण’, ‘हथियारों का प्रसार’ और ‘इस्लामी चरमपंथ के नाम पर हिंसा का इस्तेमाल’ जैसे विकल्प दिए गए थे।

इस तरह के सवालों ने छात्रों को स्तब्ध कर दिया और कई लोग इस मामले को तुरंत विश्वविद्यालय अधिकारियों के संज्ञान में लेकर गए। यहां तक कि सोशल मीडिया पर भी सवाल के बारे में चर्चा होने लगी।

ऐसे ही एक छात्र हाशिम अंसारी ने कहा कि यद्यपि आधुनिक विश्व इतिहास विषय में आतंकवाद पर एक विषय है, लेकिन परीक्षा में जिस तरह से प्रश्न को डाला गया, उसका वहां पर कोई भी संबंध स्थापित नहीं होता है। इसके अलावा अन्य छात्रों ने भी प्रश्न की प्रासंगिकता पर सवाल उठाए।

आईएएनएस के बार-बार प्रयास करने के बावजूद विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. नितिन आर. करमालकर और रजिस्ट्रार प्रफुल्ल पवार की इस मामले पर कोई टिप्पणी प्राप्त नहीं हो सकी।

हालांकि हंगामे के बाद विश्वविद्यालय ने एक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया है कि एक ‘गलत शब्द’ से अनजाने में प्रश्नपत्र में गड़बड़ी हो गई।

बयान के अनुसार, “प्रशासन उसी के लिए खेद व्यक्त करता है। समिति के मुखिया, जिन्होंने प्रश्नपत्र तैयार किया है, उन्हें इसका स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है और संबंधित व्यक्तियों को फटकार लगाई गई है।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleNCR में वायु गुणवत्ता पर आयोग बनेगा
Next articleवैज्ञानिकों ने पुरुषों में घातक विकार का पता लगाया, 40% की मृत्यु हो गई
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here