दाखिला प्रकिया को लेकर University प्रशासन के विरुद्ध प्रदर्शन

0

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद(अभाविप) तथा दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ ने दाखिला प्रकिया तथा छात्र संबंधित अन्य समस्याओं को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के विरुद्ध प्रदर्शन किया। अभाविप लंबे समय से प्रशासन के सामने बातचीत एवं ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांगें रख रही थी, परंतु उन मांगों पर किसी भी प्रकार की कोई कारवाई न होने पर छात्रों का रोष सड़कों पर दिखाई दिया। दिल्ली विश्वविद्यालय आर्ट्स फैकल्टी के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन में अभाविप ने 10 मांगें रखीं, जिनमें हर महाविद्यालय में और अधिक नोडल अफसरों के नंबर देने, नोडल अफसरों की फोन एवं ईमेल उपलब्धता सुनिश्चित कराने, ओबीसी तथा ईडब्ल्यू एस प्रमाणपत्र पुराना होने की परिस्थिति में अंडरटेकिंग के साथ छात्रों को दाखिला देने, रीवैल्यूएशन का परिणाम जारी करने, शोध छात्रों की 6 महीने से रुकी छात्रवृत्ति जारी करने इत्यादि मांगें प्रमुख थीं।

प्रदर्शन के बाद अभाविप दिल्ली तथा डूसू का एक प्रतिनिधिमंडल डिप्टी प्रॉक्टर, एडमिशन कमिटी के सदस्यों तथा डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर से मिला। उन्हें ज्ञापन सौंप कर अपनी मांगों से अवगत कराया। प्रशासन ने अभाविप तथा डूसू की अधिकतर मांगों को मानते हुए कुछ मांगों पर विचार हेतु दो दिन का समय मांगा है।

अभाविप दिल्ली के प्रदेश मंत्री सिद्धार्थ यादव ने कहा, “अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एकमात्र ऐसा छात्र संगठन है जो लगातार हेल्प डेस्क लगाकर छात्रों की समस्याओं को सुन रहा है। हमने प्रशासन को दाखिला प्रक्रिया की वास्तविक स्थिति तथा छात्रों को आ रही समस्याओं से अवगत कराया। शीघ्र समाधान हेतु 10 मांगों को उनके सामने रखा, जिन पर क्रियान्वयन का प्रशासन ने हमें शीघ्र आश्वासन दिया है। अगर प्रशासन इन मांगों पर शीघ्र करवाई नहीं करता है तो विद्यार्थी परिषद को सड़कों पर आकर और अधिक उग्र प्रदर्शन करेगी।”

वहीं दिल्ली सरकार द्वारा स्टूडेंट्स सोसायटी फंड (एसएसएफ) का उपयोग वेतन देने के लिए करने के निर्णय के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद तथा दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ ने संयुक्त रूप से विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के मुताबिक डीयू से सम्बद्ध राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित कॉलेजों में सैलरी का भुगतान खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाना चाहिए , लेकिन नियमों के विरुद्ध जाते हुए दिल्ली सरकार ने स्टूडेंट्स फंड से कर्मचारियों की सैलरी तथा अन्य व्यय को वहन करने का निर्देश कॉलेज प्राचार्यों को दिया है,जो कि सर्वथा अनुचित है।

एबीवीपी ने कहा, “यह निर्णय भविष्य में सरकारी कॉलेजों की फंड कटौती , छात्रों की विभिन्न गतिविधियों हेतु निर्धारित बजट का अनुचित उपयोग तथा फीस वृद्धि आदि करेगा ,जो कि छात्रों तथा शैक्षणिक संस्थानों के हितों के विरुद्ध है।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous article‘India ग्लोबल PPE Hub बन सकता है, ज्यादा रिसर्च, विकास की जरूरत’
Next articleIPL 2020: दिल्ली कैपिटल्स ने खोजा अमित मिश्रा का रिप्लेसमेंट , इस खिलाड़ी को किया शामिल
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here