झारखंड में किसानों की आय बढ़ाने के लिए व्यावसायिक खेती को प्रोत्साहन

0

झारखंड सरकार कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए उठाए गए एहतियाती कदमों के बाद किसानों को संकट से उबारने और उनकी आय बढ़ाने को लेकर अब उन्हें व्यावसायिक खेती के लिए प्रोत्साहित करेगी। इसके लिए सरकार ने योजना बना ली है।

सरकार झारखंड में आलू और टमाटर की खेती पर विशेष जोर देगी। कृषि विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि राज्य के कई जिलों में टमाटर की अच्छी पैदावार कर किसान अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। किसानों को आलू और टमाटर की खेती में आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। साथ ही फूड प्रोसेसिंग यूनिट को बढ़ावा दिया जाएगा जिससे किसानों के ये मुख्य उत्पाद की प्रोसेसिंग की जा सके।

कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने बताया कि फूड प्रोसेसिंग यूनिट को सिर्फ कृषि क्षेत्र के अंदर ही रखने पर विचार किया जा रहा है। कृषि विभाग ने इस संदर्भ में अपनी तैयारी भी शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि राज्य में एक लाख हेक्टेयर जमीन पर फल और 2़74 लाख हेक्टेयर में सब्जी की खेती होती है। योजना में सब्जी की खेती का दायरा बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।

वे कहते हैं, “झारखंड में फिलहाल 212 फूड प्रोसेसिंग यूनिट हैं, लेकिन कई कमियां हैं। फूड प्रोसेसिंग यूनिट तो खोल दिए गए हैं लेकिन इससे किसानों को सीधे जोड़ने की योजना पर काम नहीं हुआ।”

उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में सबसे अधिक आर्थिक नुकसान किसानों को हुआ है। झारखंड में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से लगातार जैविक सब्जियों के फायदे को लेकर जगारूक भी किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें व्यावसायिक खेती कराने पर जोर दिया जा रहा है। आलू व टमाटर झारखंड के मौसम में लगभग हर मास उपजाया जाता है, इसे उपजाने के लिए किसानों को कोई अधिक प्रशिक्षण की भी जरूरत नहीं पड़ती है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleकश्मीर घाटी में फिर सक्रिय हो रहा हिजबुल, 10 दिनों में हमले की योजना : खुफिया
Next articleबीडब्ल्यूएफ ने जारी किया नया कैलेंडर, इंडिया ओपन 8-13 दिसंबर के बीच
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here