प्रो कबड्डी लीग : जीत की पटरी पर लौटी पटना, बंगाल को हराया

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घर में लगातार चार हार झेलने के बाद जीत की पटरी पर लौटते हुए मौजूदा विजेता पटना पाइरेट्स ने यहां पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स स्टेडियम में गुरुवार को प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) में बंगाल वारियर्स के 29-27 से हरा दिया। छठे सीजन में घरेलू चरण के अंतिम मैच में पटना पाइरेट्स के नियमित कप्तान प्रदीप नरवाल इस मैच में खेलने नहीं उतरे और उनकी जगह जयदीप ने टीम की कप्तानी की ।

लगातार तीन बार खिताब अपने नाम करने वाली पटना की 10 मैचों में यह चौथी जीत है। टीम के 23 अंक हो गए हैं और वह जोन-बी में शीर्ष पर आ गई है ।

पटना पाइरेट्स की घर में छह मैचों में यह दूसरी जीत है ।

बंगाल को छह मैचों में दूसरी हार का सामना करना पड़ा है। टीम के अब 19 अंक हैं और वह जोन-बी में पांचवें नंबर पर है।

मुकाबले के पहले हाफ में बंगाल ने अंकों का खाता खोलते हुए पहले पांच मिनट तक 4-1 की बढ़त हासिल कर ली, लेकिन पटना ने 10वें मिनट में बंगाल को आलआउट कर 9-7 की बढ़त बना ली ।

हालांकि, बंगाल ने 17वें मिनट में स्कोर 12-13 तक ला दिया था। पटना ने फिर अंक लेकर पहले हाफ की समाप्ति तक 15-12 की बढ़त कायम कर ली।

दूसरे हाफ में पटना 10वें मिनट तक 21-18 से आगे थी लेकिन बंगाल ने 17वें मिनट में स्कोर 25-25 से बराबरी पर ला दिया। दीपक नरवाल ने अहम अंक लेकर पटना की बढ़त के 27-25 पर पहुंचा दिया। अंतिम एक मिनट में 29-26 की बढ़त लेने के बाद पटना ने 29-27 से मैच अपने नाम कर लिया ।

पटना की टीम ने रेड से 16, टैकल से 10, ऑलआउट से दो और एक अतिरिक्त अंक जुटाए। टीम के लिए दीपक नरवाल ने सात, इस मैच में कप्तानी कर रहे जयदीप ने पांच और विजय तथा मंजीत ने चार-चार अंक अर्जित किए ।

बंगाल के लिए रेन सिंह ने सात, महेश गौड़ ने छह और जेंग कुन ली ने पांच अंक लिए। टीम ने रेड से 18, टैकल से और दो अतिरिक्त अंक जुटाए।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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