मिर्जापुर में महिलाओं ने प्रियंका का किया स्वागत

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कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी सोनभद्र के उभ्भा गांव जाने को निकलीं तो मिर्जापुर के नारायणपुर में पहुंचने पर लोगों को देखकर उन्होंने अपनी गाड़ी रुकवा दी। इस दौरान वहां खड़ी महिलाओं ने प्रियंका का स्वागत किया। प्रियंका गांधी भीड़ के बीच जा पहुंची, जहां लोगों ने उन्हें माला पहनाई। इस दौरान एसपीजी सुरक्षा में लगे जवान लोगों को दूर करते रहे लेकिन प्रियंका ने सबसे हाथ मिलाया और मुस्कुराते हुए अभिवादन कर वापस अपनी कार में सवार होकर सोनभद्र के लिए रवाना हो गईं।

इस दौरान प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया, “चुनार के किले पर मुझसे मिलने आए उभ्भा गांव के पीड़ित परिवारों के सदस्यों से मैंने वादा किया था कि मैं उनके गांव आऊंगी। आज मैं उभ्भा गांव के बहनों-भाइयों और बच्चों से मिलने, उनका हालचाल सुनने-देखने, उनका संघर्ष साझा करने सोनभद्र जा रही हूं।”

इससे पहले प्रियंका गांधी से बाबतपुर एयरपोर्ट पर मीडिया ने कई बार बात करने का प्रयास किया, लेकिन वह बचती रहीं। हवाईअड्डा पहुंचने के बाद एयरपोर्ट के वीआईपी गेट के बाहर निकलने के बाद कतारबद्घ खड़े कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं से उन्होंने मुलाकात की। उसके बाद प्रियंका सड़क मार्ग से सोनभद्र के लिए प्रस्थान कर गई।

उनके साथ पूर्वाचल के कई जिलों के कांग्रेस के पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी चल रहे हैं। प्रियंका सोनभद्र के उभ्भा में नरसंहार के पीड़ितों के साथ रहेंगी। इसके लिए उभ्भा के प्राथमिक विद्यालय में व्यवस्था की गई है। प्रियंका के वाराणसी-शक्तिनगर राज्यमार्ग से रॉबर्ट्सगंज से होते हुए उभ्भा जाने को लेकर पुलिस अलर्ट है। जिला प्रशासन हर हरकत पर नजर बनाए हुए है। उधर उभ्भा गांव में पूर्वांचल के कांग्रेसी नेता बड़ी संख्या में जुटने लगे हैं।

गौरतलब है कि 17 जुलाई को भूमि पर कब्जा करने को लेकर उभ्भा गांव में नरसंहार हुआ था। उसमें दस लोगों की जान चली गई थी और 28 लोग घायल हो गए थे। घटना के दो दिन बाद ही 19 जुलाई को प्रियंका वाड्रा पीड़ितों से मिलने के लिए आ रही थीं। रास्ते में ही उन्हें नारायणपुर में रोक दिया गया। इस दौरान वह वहीं धरने पर बैठ गईं। इसके बाद उन्हें नारायणपुर से चुनार स्थित अतिथि गृह ले जाया गया। जहां उन्होंने रात गुजारी। वहीं पहुंची उभ्भा गांव की महिलाओं से मिलकर प्रियंका वापस चली गई थीं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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