प्रियंका ने एटलस साइकिल फैक्ट्री बंद होने पर सरकार पर साधा निशाना

0

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में प्रमुख साइकिल निर्माता एटलस के अपना कारखाना बंद करने के एक दिन बाद कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को सरकार पर निशाना साधा है। प्रियंका ने कहा कि उद्योगों के लिए दिया आर्थिक पैकेज सिर्फ एक घोषणा थी और यह सरकार का कर्तव्य है कि वह नौकरियों को बचाए।

प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया, “कल विश्व साइकिल दिवस के मौके पर साइकिल कंपनी एटलस की गाजियाबाद स्थित फैक्ट्री बंद हो गई। 1000 से ज्यादा लोग एक झटके में बेरोजगार हो गए।”

उन्होंने कहा, “सरकार के प्रचार में तो सुन लिया कि इतने का पैकेज, इतने एमओयू, इतने रोजगार लेकिन असल में तो रोजगार खत्म हो रहे हैं। फैक्ट्रियां बंद हो रही हैं।”

पार्टी की पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी ने कहा, “लोगों की नौकरियां बचाने के लिए सरकार को अपनी नीतियां और योजना स्पष्ट करनी पड़ेगी।”

प्रियंका की टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब एटलस फैक्ट्री के कर्मचारियों ने फैक्ट्री के गेट पर फैक्ट्री के बंद किए जाने के बारे में एक नोटिस चस्पा पाया।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleराजीव बजाज बोले राहुल से, बंद ने कोरोना को नहीं, बजाडीडीपी कर्व को सपाट किया
Next articleभारत में स्मार्टफोन गैलेक्सी ए31 लॉन्च, कीमत 21999 रुपये
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here