प्रधानमंत्री ने छात्रों से कहा, परीक्षा की तैयारी के दौरान फिट रहें

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों और खासकर युवा पीढ़ी से कहा कि वे नियमित एक्सरसाइज और खेल गतिविधियों में हिस्सा लेकर खुद को फिट रखें। इस साल के पहले ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने इस बात पर संतोष जताया कि फिटनेस के प्रति जागरूकता के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

फिट इंडिया और साइक्लोथोन की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि नवंबर 2019 में शुरू किए गए फिट इंडिया स्कूल अभियान में अब तक 65,000 भागीदारों ने हिस्सा लिया है।

परीक्षा नजदीक आने की चर्चा करते हुए उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि परीक्षा के कठिन समय में खुद को खेल गतिविधियों में शामिल कर फिट और स्वस्थ रहें।

उन्होंने वर्ष खेलो इंडिया की असम में सफलता पर असम सरकार की सराहना की और 2018 में शुरू किए गए इस अभियान की लोकप्रियता बढ़ने पर खुशी जताई।

न्यूज सत्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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